अकेले गाड़ी सीखना पड़ा भारी! कैथल की ड्रेन में 20 फीट नीचे गिरी कार, दादा-दादी का इकलौता सहारा छिना
May 05, 2026 2:24 PM
कैथल। अपनी मेहनत की कमाई से एक पुरानी कार खरीदना 20 साल के राहुल के लिए किसी सुनहरे सपने जैसा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यही सपना एक दिन उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। कैथल शहर में अंबाला रोड से खुराना रोड के बीच ड्रेन के पास गाड़ी सीखने की कोशिश कर रहे इस युवक की कार अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी ड्रेन में जा गिरी। इस खौफनाक हादसे में राहुल की मौके पर ही मौत हो गई।
20 फीट गहरी खाई और बेबस जिंदगी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, राहुल अपनी पुरानी कार को लेकर ड्रेन के साथ बनी कच्ची-पक्की सड़क पर हाथ साफ करने की कोशिश कर रहा था। तभी अचानक स्टीयरिंग पर से उसका नियंत्रण हटा और गाड़ी सीधे ड्रेन की गहराइयों में समा गई। गाड़ी पलटते ही वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और राहुल को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आस-पास के लोग जब तक दौड़कर मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
मजदूरी से जोड़ा था पाई-पाई, पिता का साया पहले ही उठ चुका था
अस्पताल के बाहर मातम के बीच जब राहुल की पारिवारिक पृष्ठभूमि सामने आई, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। अंबाला रोड पर झुग्गियों में रहने वाले राहुल का जीवन संघर्षों की एक लंबी दास्तान था। उसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था और मां उसे दादा-दादी के भरोसे छोड़कर अलग रहने लगी थी। राहुल मजदूरी करके अपने बुजुर्ग दादा-दादी का सहारा बना हुआ था। उसने हाल ही में पाई-पाई जोड़कर अपने शौक के लिए एक पुरानी कार खरीदी थी, जिसे वह अकेले ही चलाना सीख रहा था।
पुलिस की इत्तेफाकिया कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। जांच अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला विशुद्ध रूप से एक हादसा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा, "युवक बिना किसी ट्रेनर के अकेला गाड़ी चलाने का अभ्यास कर रहा था, जो जानलेवा साबित हुआ। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस ने इस मामले में इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की है।"
एक तरफ जहां राहुल की मौत ने एक घर का चिराग बुझा दिया है, वहीं यह हादसा उन लोगों के लिए भी एक सबक है जो बिना किसी विशेषज्ञ की निगरानी के भीड़भाड़ या खतरनाक रास्तों पर वाहन चलाने का जोखिम उठाते हैं। राहुल की पुरानी कार अब ड्रेन के किनारे एक कबाड़ के ढेर में तब्दील हो चुकी है, जो उसके अधूरे अरमानों की गवाही दे रही है।