घरौंडा स्वास्थ्य केंद्र बना अखाड़ा: कार्ड बनवाने आई गर्भवती से भिड़ी एएनएम, डंडे और हाथापाई का वीडियो वायरल
Apr 03, 2026 1:13 PM
करनाल। हरियाणा के करनाल जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोलकर रख दी है। घरौंडा के एक स्वास्थ्य उप-केंद्र में आज मानवता उस वक्त शर्मसार हो गई जब एक गर्भवती महिला और सरकारी ड्यूटी पर तैनात एएनएम (ANM) के बीच विवाद इतना बढ़ा कि लात-घूंसे और डंडे चलने लगे। दो महीने की गर्भवती ममता का आरोप है कि वह पिछले चार दिनों से अपने सरकारी ममता कार्ड के लिए केंद्र के चक्कर काट रही थी, लेकिन मदद के बजाय उसे बदसलूकी और मारपीट मिली। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी का रौद्र रूप साफ देखा जा सकता है।
"चार दिन से भटक रही थी, बदले में मिला डंडा": पीड़िता की आपबीती
पीड़ित महिला ममता ने रोते हुए बताया कि वह अपने होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य की खातिर कार्ड बनवाने आई थी। ममता के अनुसार, जब उसने एएनएम से अपना काम करने की गुहार लगाई, तो कर्मचारी ने सहयोग करने के बजाय सीधा मना कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बहस बढ़ते ही आरोप है कि एएनएम ने पास पड़ा एक डंडा उठा लिया और गर्भवती महिला पर हमला कर दिया। ममता ने पुलिस को बताया, "मैं दो महीने की गर्भवती हूँ, अगर डंडा पेट पर लग जाता तो मेरे बच्चे का क्या होता? क्या सरकारी दफ्तरों में अब इलाज की जगह डंडे मिलेंगे?"
एएनएम का पलटवार: "मुझे अनपढ़ कहा और धक्का दिया"
दूसरी ओर, आरोपी एएनएम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी कहानी का दूसरा पहलू पेश किया है। कर्मचारी का दावा है कि विवाद की शुरुआत मरीज के परिजनों ने की थी। एएनएम के मुताबिक, परिजनों ने उन्हें सरेआम 'अनपढ़' कहकर जलील किया और सरकारी काम में बाधा डालते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की। एएनएम ने यह भी आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने एक दिन पहले आशा वर्कर के साथ भी फोन पर बदतमीजी की थी। उनके अनुसार, डंडा सिर्फ डराने और आत्मरक्षा के लिए उठाया गया था, किसी को चोट पहुंचाने की मंशा नहीं थी।
वीडियो बनते ही और भड़का गुस्सा, पुलिस जांच में जुटी
हंगामे के दौरान जब ममता के साथ आए एक युवक ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो एएनएम का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैमरा देखते ही महिला कर्मचारी और अधिक आक्रामक हो गई और मोबाइल छीनने के लिए हाथापाई पर उतारू हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो जांच का सबसे बड़ा आधार है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने भी मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं।