करनाल लव मैरिज ट्रेजेडी: 4 महीने पहले भागे थे घर से, अब पत्नी ने फंदे से लटककर दी जान
Apr 03, 2026 3:13 PM
करनाल। करनाल की गलियों में शुरू हुई महक और दीपक की प्रेम कहानी का अंजाम शुक्रवार सुबह एक बंद कमरे में मिला। जानकारी के मुताबिक, दोनों ने अपनी मर्जी से जीवन बिताने का फैसला किया था और पिछले चार महीनों से साथ रह रहे थे। चूंकि यह प्रेम विवाह घर वालों की मर्जी के खिलाफ था, इसलिए महक का अपने मायके से कोई संपर्क नहीं था। वह पूरी तरह अपने पति दीपक पर निर्भर थी।
एक मामूली झगड़ा और बंद हुआ बातचीत का रास्ता
बताया जा रहा है कि गुरुवार की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ा तो दीपक घर से बाहर चला गया और गुस्से में महक का नंबर अपनी ब्लैकलिस्ट में डाल दिया। महक ने जब बार-बार संपर्क करने की कोशिश की और कॉल नहीं लगा, तो उसने भी हताशा और गुस्से में दीपक का नंबर ब्लॉक कर दिया। मायके से पहले ही कट चुकी महक को जब पति का साथ भी छूटता नजर आया, तो उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
दरवाजा टूटा तो फंदे पर झूलती मिली लाश
शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे जब दीपक वापस लौटा, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दस्तक देने और आवाज लगाने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो दीपक ने अपने ममेरे भाई को बुलाया। दोनों ने मिलकर जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। महक पंखे से लटकी हुई थी। दीपक के भाई ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों पर तकरार होती रहती थी, लेकिन यह झगड़ा जान ले लेगा, इसका अंदाजा नहीं था।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच शुरू
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है, लेकिन हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
मायके वालों के बयानों का इंतजार
फिलहाल पुलिस महक के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि लड़की के माता-पिता के बयान दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि क्या इसमें कोई और आपराधिक एंगल भी है। इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अपनों से दूरी और रिश्तों में बढ़ता संवादहीनता का गैप (Communication Gap) युवाओं को इस कदर कमजोर बना रहा है कि वे मौत को ही आखिरी रास्ता मान लेते हैं।