झज्जर मासूम दरिंदगी मामला: दोषी विनोद को अंतिम सांस तक जेल की सजा, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
Apr 03, 2026 2:29 PM
झज्जर। न्याय के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जो समाज के लिए नजीर पेश करती है। झज्जर की एक अदालत ने पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और दरिंदगी करने वाले दोषी विनोद को ऐसी सजा सुनाई है, जिसे वह अपनी अंतिम सांस तक भुगतेगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौना सिंह की अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि ऐसे जघन्य अपराध के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। दोषी को अब अपनी पूरी जिंदगी जेल की चारदीवारी के बीच गुजारनी होगी।
2020 की वह काली रात: जब इंसानियत हुई थी शर्मसार
यह मामला दिसंबर 2020 का है, जिसने पूरे हरियाणा को झकझोर कर रख दिया था। 20-21 दिसंबर की दरम्यानी रात छावनी मोहल्ला निवासी विनोद ने नशे के उन्माद में पड़ोस में रहने वाली एक पांच वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया था। बच्ची का परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला था। आरोपी ने मासूम के साथ न केवल वीभत्स कृत्य किया, बल्कि उसे मौत के घाट उतारने की भी कोशिश की। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया था, जिसने मात्र 11 महीने की रिकॉर्ड सुनवाई के बाद अक्टूबर 2021 में विनोद को फांसी की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट की दखल और दोबारा सुनवाई का दौर
फांसी की सजा के खिलाफ दोषी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने पाया कि निचली अदालत में धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में कुछ तकनीकी खामियां रह गई थीं। इसी आधार पर मामले को 'रिमांड बैक' यानी दोबारा सुनवाई के लिए झज्जर अदालत भेज दिया गया। कानूनी प्रक्रियाओं के लंबे दौर के बाद, 27 मार्च 2026 को अदालत ने एक बार फिर विनोद को दोषी करार दिया और 30 मार्च को सजा पर अंतिम मुहर लगा दी।
कानून का कड़ा संदेश: फांसी भले नहीं, पर माफी भी नहीं
अदालत ने अपने ताजा फैसले में हत्या, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत दोषी को सजा सुनाई है। हालांकि इस बार सजा फांसी से बदलकर 'अंतिम सांस तक जेल' (Life Imprisonment till death) कर दी गई है, लेकिन यह सजा भी उतनी ही कठोर मानी जा रही है क्योंकि इसमें दोषी को कभी भी पैरोल या समय से पहले रिहाई का लाभ नहीं मिल सकेगा। झज्जर की जनता और पीड़ित परिवार के लिए यह फैसला लंबे संघर्ष के बाद मिले न्याय की तरह है, जो यह संदेश देता है कि कानून की नजर से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता।