करनाल में डॉक्टर-पुलिस विवाद: थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मी निलंबित, हड़ताल खत्म पर डॉक्टरों की नाराजगी बरकरार
Mar 09, 2026 12:19 PM
करनाल। हरियाणा के करनाल जिले में डॉक्टर और पुलिस के बीच हुए विवाद ने पिछले दो दिनों से पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी थी। अब इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रशासनिक कदम सामने आने के बाद डॉक्टरों ने प्रदेशभर में चल रही ओपीडी हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया है।
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण शनिवार से कई सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद थीं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हड़ताल खत्म होने के बाद अब धीरे-धीरे अस्पतालों में सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं बहाल होने लगी हैं।
डॉक्टर-पुलिस विवाद ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा
करनाल से शुरू हुआ यह विवाद तेजी से पूरे हरियाणा में फैल गया था। डॉक्टरों के समर्थन में कई जिलों के अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई थीं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ा और मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई जगह लोगों को आपातकालीन सेवाओं के अलावा सामान्य उपचार नहीं मिल सका।
कार्रवाई के बाद भी डॉक्टरों की नाराजगी बरकरार
हड़ताल समाप्त करने के बावजूद डॉक्टरों ने साफ कहा कि वे प्रशासनिक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। प्रेसवार्ता के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि उनके अनुसार पुलिस प्रशासन की कार्रवाई अभी अधूरी और कमजोर लगती है।
डॉक्टरों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उनका कहना है कि अगर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसे विवाद सामने आ सकते हैं।
न्याय के लिए अदालत जाने की तैयारी
डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह मामला यहीं खत्म नहीं होगा। डॉक्टर प्रशांत से जुड़े इस विवाद में अब वे अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिका दायर करेंगे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में चिकित्सा कर्मियों के साथ ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
हड़ताल खत्म होने से मरीजों को राहत
ओपीडी सेवाएं बंद होने से पूरे प्रदेश में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। कई लोग सामान्य जांच और उपचार के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते रहे।
अब हड़ताल खत्म होने के बाद अस्पतालों में मरीजों की भीड़ फिर से बढ़ने लगी है। डॉक्टरों के काम पर लौटने से स्वास्थ्य सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं और मरीजों को राहत मिलने लगी है।