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करनाल मंडी घोटाला: गेहूं की बोरियों में निकलीं ईंटें, प्रशासन ने 4 आढ़तियों के लाइसेंस किए रद्द

May 02, 2026 10:27 AM

करनाल। करनाल जिले की अनाज मंडियों में इन दिनों गेहूं की सरकारी खरीद अपने चरम पर है, लेकिन इसी बीच आढ़तियों की एक ऐसी कारस्तानी सामने आई है जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुंजपुरा मंडी में जांच के दौरान अधिकारियों के उस वक्त होश उड़ गए जब गेहूं की बोरियों के अंदर वजन बढ़ाने के लिए बड़ी-बड़ी ईंटें छिपाई हुई मिलीं। यह सीधे तौर पर सरकारी खजाने और खरीद प्रक्रिया को चूना लगाने की कोशिश थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्केट कमेटी ने 'मनोहर लाल दीपक कुमार ट्रेडिंग कंपनी' का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और फर्म पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है।

यूपी का गेहूं हरियाणा में खपाने का खेल उजागर

धोखाधड़ी का यह खेल केवल ईंटों तक सीमित नहीं है। करनाल की मुख्य अनाज मंडी में उत्तर प्रदेश से कम दामों में लाया गया गेहूं हरियाणा के किसानों के नाम पर बेचने का बड़ा गिरोह सक्रिय मिला। जांच में सामने आया कि 4 आढ़ती बाहरी राज्यों के गेहूं को स्थानीय सरकारी पोर्टल पर दर्ज कर अवैध लाभ कमा रहे थे। इन चारों आढ़तियों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। प्रशासन अब किसान पोर्टल के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहा है, क्योंकि पोर्टल की पारदर्शिता में कमी का फायदा उठाकर स्थानीय और यूपी के गेहूं की पहचान करना मुश्किल हो रहा था।

अधिकारियों पर भी गिरी गाज, सचिव का प्रभार बदला

मंडी में मची इस लूटखसोट की आंच अब सरकारी अधिकारियों तक पहुंच गई है। अनाज मंडी में पुराने गेहूं की मिक्सिंग और बारदाने (कट्टों) की हेराफेरी के आरोप में हैफेड के इंस्पेक्टर बलजीत के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई गई है। वहीं, व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने कड़ा संदेश देते हुए असंध मंडी के असिस्टेंट सेक्रेटरी संजय से सचिव का कार्यभार वापस ले लिया है। अब उनकी जगह अनिल को मंडी सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा सके।

पारदर्शी खरीद पर सवाल: पोर्टल की खामियों का उठा रहे फायदा

इस पूरे घटनाक्रम ने मार्केट कमेटी और आईटी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। दरअसल, किसान पोर्टल पर डेटा के मिलान में होने वाली देरी का फायदा उठाकर आढ़ती और बिचौलिए फर्जी एंट्री कर देते हैं। मार्केट कमेटी के सचिवों का कहना है कि रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और जिन भी आढ़तियों के स्टॉक में अंतर पाया जाएगा, उन पर भी गाज गिरना तय है। फिलहाल, मंडियों में चौकसी बढ़ा दी गई है और हर बोरी की रैंडम चेकिंग के आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में 'गेहूं में ईंट' जैसा कारनामा दोबारा न हो सके।

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