अमेरिका में कत्ल हुए करनाल के युवक का अंतिम संस्कार: गांव समोरा में शव पहुंचते ही मचा कोहराम
Apr 12, 2026 12:49 PM
करनाल। हरियाणा के करनाल जिले का गांव समोरा रविवार को एक ऐसे मंजर का गवाह बना, जिसे कोई भी माता-पिता नहीं देखना चाहते। अमेरिका में बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए 21 साल के चेतक शर्मा, जिसे प्यार से लोग 'लाखा' बुलाते थे, का पार्थिव शरीर जैसे ही तिरंगे और गमगीन माहौल के बीच गांव पहुंचा, कोहराम मच गया। करीब दो साल पहले जिस बेटे को आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने लेकर परिजनों ने विदेश विदा किया था, आज वही बेटा लकड़ी के ताबूत में लौटकर आया। अंतिम यात्रा में समोरा ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लोग शामिल हुए और नम आंखों से उसे विदाई दी।
27 मार्च को गोलियों से भून दिया था अज्ञात हमलावरों ने
चेतक शर्मा अपनी पारिवारिक आर्थिक स्थिति को सुधारने की खातिर अमेरिका गया था। वहां वह कड़ी मेहनत कर रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बीते 27 मार्च 2026 को अमेरिका में कुछ अज्ञात हमलावरों ने चेतक पर अचानक अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमला इतना घातक था कि चेतक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। करीब 15 दिनों तक कानूनी और कागजी कार्रवाई के बाद आज उसका शव वतन वापस लाया जा सका। जब तक चिता को मुखाग्नि नहीं दी गई, तब तक पूरे गांव के घरों में चूल्हे नहीं जले।
"पूरा परिवार बिखर गया": परिजनों का छलका दर्द
अंतिम संस्कार के दौरान चेतक के माता-पिता की हालत देख हर किसी का कलेजा मुंह को आ रहा था। परिजनों ने बताया कि चेतक सिर्फ एक बेटा नहीं, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों का केंद्र था। वह अक्सर फोन पर कहता था कि बस कुछ दिन और मेहनत कर लूं, फिर घर के सारे दुख दूर कर दूंगा। ग्रामीणों ने बताया कि चेतक स्वभाव से बहुत मिलनसार और होनहार था। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि विदेश जाने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्याय की मांग: सरकार दोषियों तक पहुंचे
गांव के बुजुर्गों और परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनकी मांग है कि अमेरिकी प्रशासन पर दबाव बनाया जाए ताकि चेतक के हत्यारों को बेनकाब किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन हरियाणा और पंजाब के युवा विदेशों में नस्लीय हिंसा या आपराधिक वारदातों का शिकार हो रहे हैं, जिस पर सरकार को सख्त रुख अख्तियार करना चाहिए। फिलहाल, समोरा गांव के श्मशान घाट पर चेतक पंचतत्व में विलीन हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया है कई अनसुलझे सवाल और कभी न भरने वाला जख्म।