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सीएम नायब सैनी का बड़ा बयान: 'बायोमेट्रिक से बढ़ा किसानों का सम्मान, बिचौलियों की दुकान हुई बंद

Apr 13, 2026 5:18 PM

कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में बैसाखी की खुशियां साझा करने पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज पूरी तरह चुनावी और प्रशासनिक लय में नजर आए। हाल के दिनों में मंडियों में फसल खरीद के दौरान बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को लेकर विपक्ष द्वारा की जा रही राजनीति पर सीएम ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, वे दरअसल उस पारदर्शिता से डरे हुए हैं जिसने बिचौलिया प्रथा को खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसान इस नई तकनीक से खुश हैं क्योंकि इससे उनका हक कोई दूसरा नहीं मार सकता।

'ढाई महीने का काम अब 20 दिन में'

मंडियों में फसल उठान और खरीद की रफ्तार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने एक तुलनात्मक तस्वीर पेश की। उन्होंने कहा, "एक दौर था जब किसान ढाई-ढाई महीने तक मंडियों के चक्कर काटता था, लेकिन आज हमारी सरकार ने इस प्रक्रिया को इतना सरल और तेज कर दिया है कि महज 15 से 20 दिनों में खरीद का बड़ा हिस्सा संपन्न हो रहा है।" उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार फसल के एक-एक दाने की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है और भुगतान की राशि बिना किसी देरी के सीधे किसानों के बैंक खातों में 'डिजिटल कवच' के जरिए सुरक्षित पहुंच रही है।

अश्लील गानों और गन कल्चर पर लगेगा 'ब्रेक'

राजनीति से इतर, मुख्यमंत्री ने हरियाणा की सामाजिक फिजां में घुलते जहर यानी 'गन कल्चर' और अश्लील संगीत पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने हरियाणा महिला आयोग की उस हालिया सिफारिश पर मुहर लगाई जिसमें मर्यादा लांघने वाले गानों पर प्रतिबंध की मांग की गई थी। सीएम ने कहा, "हमारी संस्कृति माताओं-बहनों के सम्मान पर टिकी है। जो गाने हथियारों का प्रदर्शन करते हैं या अश्लीलता परोसते हैं, वे समाज के लिए कैंसर की तरह हैं। सरकार ऐसी प्रवृत्तियों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने से भी पीछे नहीं हटेगी।"

बंगाल के बहाने विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल के सियासी हालातों का जिक्र कर राष्ट्रीय राजनीति का तापमान भी बढ़ा दिया। उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वहां की जनता अब हिंसा और तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह केंद्र की उज्ज्वला और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने देश की महिलाओं का जीवन बदला है, उसी तर्ज पर बंगाल में भी बड़ा परिवर्तन होगा। कुल मिलाकर, बैसाखी के मंच से मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया कि उनकी सरकार तकनीक के सहारे व्यवस्था में सुधार और संस्कृति के सहारे समाज में नैतिकता बनाए रखने के अपने एजेंडे पर अडिग है।

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