Search

कुरुक्षेत्र में बैसाखी की धूम: सीएम नायब सैनी ने उड़ाई 6 फीट की पतंग, दंगल में पहलवानों ने दिखाया दम

Apr 13, 2026 2:53 PM

कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का मेला ग्राउंड आज एक मिनी हरियाणा और पंजाब के संगम जैसा नजर आया। अवसर था राज्य स्तरीय 'बैसाखी महोत्सव' के भव्य उद्घाटन का। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दो दिवसीय (13 और 14 अप्रैल) महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने वहां मौजूद युवाओं के साथ पतंगबाजी का आनंद लिया। उनके लिए खास तौर पर तैयार की गई 6 फीट लंबी रंग-बिरंगी पतंग जब आसमान की ऊंचाइयों को छूने लगी, तो पूरा मेला ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मिट्टी की खुशबू और अखाड़े का रोमांच

मुख्यमंत्री ने केवल पतंगबाजी ही नहीं की, बल्कि हरियाणा की माटी से जुड़े खेलों को भी पूरा सम्मान दिया। उन्होंने महिला और पुरुष कुश्ती दंगल का उद्घाटन किया और पहलवानों के हाथ मिलवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। महोत्सव में केवल कुश्ती ही नहीं, बल्कि शौर्य का प्रतीक 'गतका', पारंपरिक दस्तारबंदी (पगड़ी बांधना) और सर्कल कबड्डी जैसी प्रतियोगिताओं ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि हमारी बेटियां आज हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।

प्रदर्शनी में दिखी ग्रामीण परिवेश की झलक

मेला परिसर में लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनियों और स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने बारीकी से निरीक्षण किया। यहां हरियाणा के पुराने ग्रामीण परिवेश, पारंपरिक हस्तशिल्प और खान-पान को बेहद सलीके से प्रदर्शित किया गया है। पुराने औजारों से लेकर हाथ से बनी कलाकृतियां नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी भावी पीढ़ी अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास से रूबरू हो पाती है।

सुरों से सजेगी शाम, नामी कलाकार बांधेंगे समां

महोत्सव की शाम को यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक लंबी फेहरिस्त तैयार की गई है। 13 अप्रैल की रात प्रसिद्ध सूफी और पंजाबी गायक लखविंदर वडाली अपनी गायकी से रूहानियत घोलेंगे, वहीं 14 अप्रैल को मशहूर पंजाबी सिंगर कुलविंदर बिल्ला युवाओं को थिरकने पर मजबूर करेंगे। ड्रोन शो और लाइटिंग ने इस महोत्सव को एक आधुनिक टच भी दिया है, जो परंपरा और तकनीक का बेजोड़ मेल साबित हो रहा है। 14 अप्रैल को समापन समारोह में भी मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस आयोजन को और भी गरिमा प्रदान करेगी।

You may also like:

Please Login to comment in the post!