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भावी पत्रकारों का कमाल: केयूके में विद्यार्थियों ने संभाली रिपोर्टिंग और एडिटिंग की कमान

May 08, 2026 11:53 AM

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के गलियारों में इन दिनों प्रिंट मीडिया की बारीकियों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। संस्थान के बीएजेएमसी चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने अपनी किताबी पढ़ाई को अमली जामा पहनाते हुए विभिन्न समाचार-पत्रों का प्रकाशन किया है। खास बात यह है कि इन अखबारों की रिपोर्टिंग से लेकर फोटो सिलेक्शन, एडिटिंग और फाइनल पेज डिजाइनिंग तक की पूरी जिम्मेदारी विद्यार्थियों ने पेशेवर पत्रकारों की तरह खुद संभाली। प्रिंट डिजाइनिंग पाठ्यक्रम के तहत किए गए इस प्रयोग ने विद्यार्थियों के भीतर छिपे कौशल को निखारने का काम किया है।

थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल ज्ञान पर संस्थान का जोर

संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की पीठ थपथपाते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में स्किल्स का होना सबसे अहम है। उन्होंने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को समाचार-पत्र उद्योग की जमीनी जरूरतों के लिए तैयार करना है। प्रो. पूनिया ने अखबारों की प्रस्तुति और ले-आउट की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने जिस तरह से खबरों का चयन और उनकी विजुअल अपील पर काम किया है, वह काबिले तारीफ है।

इंडियन टाइम्स से लेकर जनवाणी तक: अलग-अलग समूहों ने दिखाए तेवर

संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिनव के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अलग-अलग समूहों में बंटकर इस परियोजना को पूरा किया। दीक्षा, रेशम और उनकी टीम ने 'इंडियन टाइम्स' के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई, तो वहीं शिवानी और उज्ज्वल की टीम ने 'केयूके टुडे' प्रकाशित किया। इसी तरह 'द वॉइस ऑफ केयूके', 'केयूके वॉइस' और 'द कुरुक्षेत्र' जैसे नामों से विद्यार्थियों ने परिसर की हलचल को पन्नों पर उतारा। इसके अलावा खुशी और काजल के समूह ने 'जनवाणी' और तनीषा की टीम ने 'द पनोर्मिक रिवोल्यूशन' जैसे गंभीर शीर्षकों के साथ अखबार तैयार किए।

डिजाइनिंग में शोधार्थियों का मिला मार्गदर्शन

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी बारीकियों को समझने में पीएचडी शोधार्थी सचिन कुमार ने विद्यार्थियों की काफी मदद की। उन्होंने प्रिंट डिजाइनिंग के सॉफ्टवेयर और प्रिंटिंग की बारीकियों को लेकर छात्रों को गाइड किया। डॉ. अभिनव ने बताया कि इस अभ्यास से विद्यार्थियों में टीम वर्क और समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर काम करने का आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अभिषेक, मेघव, जशनदीप और आकृति जैसे विद्यार्थियों ने 'द सिटी टाइम्स' और 'द भारत' के जरिए स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। संस्थान का मानना है कि इस तरह के प्रयोगों से निकलने वाले छात्र भविष्य में मीडिया इंडस्ट्री की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकेंगे।


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