सिस्टम की लाचारी: जनगणना में उलझे स्वास्थ्य कर्मी, कुरुक्षेत्र में डायरिया फैलने के बाद सर्वे का काम ठप
May 06, 2026 11:39 AM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के दीदार नगर इलाके में पिछले एक हफ्ते से नलों से जहर (दूषित पानी) टपक रहा है, जिसका खामियाजा अब स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इलाके की तीन प्रमुख गलियों में अब तक 21 से ज्यादा लोग डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। स्थानीय निवासी संजीव कुमार की दो मासूम बेटियां भी इस संक्रमण का शिकार हुई हैं, जिन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालत यह है कि इलाके में हर दूसरे घर में कोई न कोई पेट दर्द या उल्टी-दस्त से परेशान है।
जनगणना की ड्यूटी या जनता की जान? स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ा संकट
शहर में बीमारी ने दस्तक दे दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव फूले हुए हैं। विभाग के पास इस समय फील्ड सर्वे के लिए पर्याप्त कर्मचारी ही नहीं हैं क्योंकि अधिकांश कर्मियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगा दी गई है। जिला सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. प्रदीप ने स्वीकार किया कि 29 अप्रैल को मामला सामने आने के बाद रैपिड रिस्पांस टीम सक्रिय तो हुई, लेकिन अब पूरे क्षेत्र की निगरानी का जिम्मा महज दो एएनएम और एक डॉक्टर के कंधों पर है। ऐसे में डोर-टू-डोर सर्वे और मरीजों की ट्रैकिंग की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है।
पाइपलाइन में सीवर का 'जहर', दावों के बीच अब भी हो रही लीकेज
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. बिंदू राय की टीम ने जब मौके पर पानी की जांच की, तो रिपोर्ट चौंकाने वाली थी—सप्लाई का पानी पूरी तरह से दूषित और पीने के अयोग्य मिला। जांच में सामने आया कि पेयजल पाइपलाइन में दो जगहों पर बड़े लीकेज हैं, जहां से सीवर का गंदा पानी रिसकर घरों तक पहुंच रहा है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गोपाल शर्मा का दावा है कि एक लीकेज को दुरुस्त कर दिया गया है और दूसरी पर काम जारी है, लेकिन लोगों का आरोप है कि एक सप्ताह से शिकायत के बावजूद प्रशासन तब जागा जब लोग बिस्तर पर पड़ गए।
लैब रिपोर्ट का इंतजार और बचाव की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 7 मरीजों के रक्त नमूने लिए हैं ताकि हेपेटाइटिस-ए, ई और स्क्रब टाइफस जैसी खतरनाक बीमारियों की संभावना को खारिज किया जा सके। इलाके में फिलहाल ओआरएस के पैकेट और हैलोजन की गोलियां बांटी जा रही हैं। डॉ. बिंदू राय ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि पानी को उबालकर ही पिएं और बिना हाथ धोए कुछ न खाएं। वहीं, स्थानीय पार्षद और जनस्वास्थ्य विभाग को भी कड़ी चेतावनी जारी की गई है कि जब तक पानी पूरी तरह साफ न हो जाए, वैकल्पिक व्यवस्था सुचारू रखी जाए।