राजौंद में 20 साल पुरानी गंदगी का होगा अंत: 2.50 करोड़ से बदलेगी तालाब की तस्वीर, सफाई शुरू
May 06, 2026 1:19 PM
कैथल। हरियाणा के कैथल जिले के अंतर्गत आने वाले राजौंद कस्बे के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले 20 सालों से जो तालाब केवल गंदगी, कचरे और बदबू का पर्याय बना हुआ था, अब उसका कायाकल्प होने जा रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने तालाब की सफाई का काम शुरू करवा दिया है। ट्रैक्टरों और भारी मशीनों की मदद से तालाब का गंदा पानी बाहर निकाला जा रहा है, ताकि इसकी गहराई से खुदाई कर इसे फिर से जीवंत किया जा सके।
लुप्त होती परंपरा और अतिक्रमण की मार
एक दौर था जब गांव और कस्बों की पहचान उनके साफ-सुथरे तालाबों से होती थी। ग्रामीण खुद मिलकर तालाबों की खुदाई और सफाई करते थे, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में ये परंपराएं कहीं खो गईं। तकनीकी विकास के साथ घरों का गंदा पानी सीधे तालाबों में गिरने लगा और देखते ही देखते ये जल स्रोत अतिक्रमण का शिकार हो गए। पशुपालन में घटती रुचि ने भी तालाबों की उपयोगिता को कम कर दिया, जिसके चलते कस्बे के कई ऐतिहासिक कुएं और तालाब कूड़े के डंपिंग यार्ड में तब्दील हो गए।
बजट की 'खानापूर्ति' से हटकर अब काम पर जोर
अक्सर देखा गया है कि तालाबों की सफाई के नाम पर सरकारी बजट तो आता है, लेकिन काम के नाम पर केवल औपचारिकता ही पूरी की जाती है। राजौंद के लोगों को उम्मीद है कि इस बार ढाई करोड़ का भारी-भरकम बजट तालाब की सूरत सच में बदल देगा। नगर पालिका सचिव नरेंद्र शर्मा ने पुष्टि की है कि राजौंद और खुरडा, दोनों ही क्षेत्रों के तालाबों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। योजना के मुताबिक, तालाब को साफ करने के बाद इसके किनारों को पक्का किया जाएगा और बैठने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।
पर्यावरण और स्वास्थ्य को मिलेगा बड़ा लाभ
तालाब के साफ होने से न केवल इलाके में फैलने वाली बीमारियां कम होंगी, बल्कि जल स्तर (वाटर टेबल) सुधारने में भी मदद मिलेगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर यह प्रोजेक्ट सही समय पर और ईमानदारी से पूरा होता है, तो यह कस्बे के लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल या पिकनिक स्पॉट के रूप में भी उभर सकता है। फिलहाल, गंदे पानी की निकासी का काम जारी है और जल्द ही सौंदर्यीकरण के अगले चरण की शुरुआत होगी।