Search

कुरुक्षेत्र में LPG स्कैम! बुकिंग के बाद आ रहा 'Delivery' का मैसेज, लेकिन घर नहीं पहुंच रहा सिलेंडर

Mar 16, 2026 4:35 PM

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 7 बजे से ही जो मंजर दिख रहा है, वह किसी आपातकाल से कम नहीं है। कड़ाके की ठंड और अपनी बारी के इंतजार में खड़े लोगों का गुस्सा तब सातवें आसमान पर पहुंच जाता है, जब उन्हें पता चलता है कि जिस सिलेंडर का वे हफ़्तों से इंतजार कर रहे थे, वह आधिकारिक तौर पर 'डिलीवर' दिखाया जा चुका है।

शहर के कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उन्होंने डिजिटल माध्यम से बुकिंग की थी। हैरानी की बात यह है कि बिना ओटीपी (OTP) साझा किए या बिना सिलेंडर मिले ही उनके पास मैसेज आ रहा है कि "आपकी गैस डिलीवरी सफल रही"। जब परेशान लोग एजेंसी पर सवाल करने पहुंच रहे हैं, तो वहां तैनात कर्मचारी संतोषजनक जवाब देने के बजाय उन्हें फिर से लंबी लाइनों का हिस्सा बनने को कह रहे हैं।

डिलीवरी मैन की मनमानी और कालाबाजारी की बू

इस पूरे संकट के पीछे डिलीवरी करने वाले स्टाफ की बड़ी लापरवाही और संदिग्ध भूमिका सामने आई है। आरोप है कि डिलीवरी मैन उन उपभोक्ताओं का सिलेंडर, जिन्होंने पहले से ऑनलाइन बुकिंग कर रखी है, ज्यादा कीमत पर या अपने परिचितों को 'ब्लैक' में बेच रहे हैं। महावीर गैस एजेंसी के संचालक नीरज गर्ग ने इस फर्जीवाड़े की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ कर्मचारियों की गड़बड़ी के कारण व्यवस्था बिगड़ी थी। उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया है।

एजेंसी संचालक की सफाई: "स्टॉक भरपूर, बस धैर्य रखें"

एजेंसी संचालक नीरज गर्ग का दावा है कि शहर में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उनका तर्क है कि बहुत से लोगों ने लंबे समय तक बुकिंग नहीं कराई थी और अब अचानक एक साथ सैकड़ों लोग सिलेंडर मांग रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ गया है। उन्होंने ऑनलाइन सिस्टम में आने वाली कुछ 'टेक्निकल ग्लिच' को भी इस समस्या का एक सिरा माना। गर्ग ने भरोसा दिया है कि आगामी कुछ दिनों में सप्लाई सामान्य हो जाएगी और डिलीवरी चेन को दुरुस्त करने के लिए नए स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है।

उपभोक्ताओं का सवाल: डिजिटल इंडिया में यह कैसी धांधली?

एक पीड़ित उपभोक्ता ने बताया, "मैंने 5 तारीख को सिलेंडर बुक किया था। 9 दिन बाद फोन पर मैसेज आया कि डिलीवरी हो गई, जबकि घर पर कोई आया ही नहीं। यह सीधा-सीधा फ्रॉड है।" लोगों का कहना है कि अगर ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी उन्हें घंटों लाइनों में लगकर धक्के खाने हैं, तो इस डिजिटल सिस्टम का क्या फायदा? फिलहाल, कुरुक्षेत्र में रसोई गैस को लेकर उपजा यह असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है और प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!