SGPC के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट समेत 20 पर केस दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला
Mar 30, 2026 11:12 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा की धार्मिक राजधानी कुरुक्षेत्र में सिख राजनीति के दो बड़े धड़ों के बीच का मनमुटाव अब हिंसक मोड़ ले चुका है। शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में बीते दिनों हुई धक्का-मुक्की और हंगामे के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने अमृतसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और उनके करीब 20 समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह पूरा घटनाक्रम हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) और पंजाब स्थित एसजीपीसी के बीच वर्चस्व की जंग का नतीजा माना जा रहा है।
20 मार्च की वो दोपहर, जब अखाड़ा बन गया संस्थान
पूरा मामला 20 मार्च का है, जब संस्थान के कार्यालय में सेवा संभाल की प्रक्रिया को लेकर बातचीत चल रही थी। हरियाणा कमेटी के मीत प्रधान गुरबीर सिंह तलाकौर अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे। उनका तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, अब इस संस्थान का प्रबंधन हरियाणा कमेटी के अधीन होना चाहिए। आरोप है कि इसी दौरान चर्चा ने विवाद का रूप ले लिया। शिकायत के अनुसार, SGPC से जुड़े लोग कथित तौर पर हथियारों के साथ वहां पहुंचे और बातचीत कर रहे सदस्यों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
'पगड़ी उछाली और दाढ़ी से की अभद्रता': शिकायत में गंभीर आरोप
गुरबीर सिंह तलाकौर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बेहद संवेदनशील आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उनकी पगड़ी और दाढ़ी के साथ भी अभद्रता की, जो सिख मर्यादाओं के खिलाफ है। मौके पर स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि कुरुक्षेत्र पुलिस को भारी बल के साथ हस्तक्षेप करना पड़ा। वीडियो फुटेज में भी साफ दिख रहा है कि किस तरह पुलिस सुरक्षा के बीच कुछ लोगों को संस्थान से बाहर निकाला गया था।
पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के अपने दावे
शाहाबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद अब दोनों पक्षों के दावों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। हालांकि, दूसरे पक्ष (SGPC) की ओर से भी पहले शिकायत दी गई थी, जिसमें उन्होंने हरियाणा कमेटी के सदस्यों पर जबरन घुसपैठ का आरोप लगाया था। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल वीडियो की मदद से आरोपियों की शिनाख्त कर रही है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न बैठा हो।