कुरुक्षेत्र में दर्दनाक रेल हादसा: तीर्थ यात्रा से लौट रहे बुजुर्ग की ट्रेन से गिरकर मौत, बेटे से हुई थी आखिरी बात
Apr 17, 2026 4:04 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र की पावन धरा जहाँ लोग मोक्ष की कामना लेकर आते हैं, वहीं फतेहाबाद के एक परिवार के लिए यह स्थान कभी न भूलने वाला गम दे गया। जाखल के गांव चंदड़ कलां निवासी रुलदुराम पिछले करीब एक महीने से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा पर थे। शुक्रवार को जब वे घर वापसी के लिए कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुँचे, तो खुश थे कि जल्द ही अपनों के बीच होंगे। लेकिन स्टेशन पर चढ़ते समय हुआ एक मामूली सा असंतुलन उनकी मौत का सबब बन गया।
"बेटा, मैं घर आ रहा हूँ"... और फिर खामोश हो गया फोन
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि ट्रेन पकड़ने से कुछ ही देर पहले रुलदुराम ने अपने बेटे हरविंद्र सिंह को फोन किया था। उन्होंने बड़े उत्साह से बताया था कि उनकी यात्रा पूरी हो गई है और वे अगली ट्रेन पकड़कर घर पहुँच रहे हैं। लेकिन कुरुक्षेत्र स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन चलने लगी, रुलदुराम ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनका पैर पायदान से फिसल गया और वह सीधे पटरियों और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में जा गिरे। मौके पर मौजूद लोगों के शोर मचाने तक बुजुर्ग को गंभीर चोटें लग चुकी थीं और उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया।
पहचान की जद्दोजहद और पुलिस की कार्रवाई
हादसे के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की। मृतक की शिनाख्त करना शुरुआती चुनौती थी, लेकिन तलाशी के दौरान उनकी जेब से एक आधार कार्ड बरामद हुआ। कार्ड और पर्स में रखे कुछ जरूरी कागजों पर लिखे फोन नंबरों के जरिए पुलिस ने जब फतेहाबाद संपर्क किया, तो उधर फोन उठाते ही खुशियां मातम में बदल गईं। बेटे हरविंद्र को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस पिता से अभी कुछ मिनट पहले बात हुई थी, उनकी खबर अब पुलिस दे रही है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक रुलदुराम अपने पीछे पत्नी प्रेमो देवी, दो बेटे हरविंद्र व कुलविंद्र और शादीशुदा बेटी बलजीत का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। जीआरपी के जांच अधिकारी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों के बयानों के आधार पर फिलहाल इसे एक दुर्घटना मानते हुए 174 के तहत इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है। इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के खतरों की ओर इशारा किया है, जो अक्सर जानलेवा साबित होते हैं।