कुरुक्षेत्र सुसाइड केस: "बहू ने जीना हराम कर दिया," मौत से पहले ससुर ने वीडियो में बयां किया दर्द
May 04, 2026 11:01 AM
कुरुक्षेत्र (जग मार्ग)। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के उमरी गांव से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ एक ससुर ने अपनी ही बहू की कथित प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान लाखन सिंह (50) के रूप में हुई है, जो गांव में ही पंक्चर की दुकान चलाते थे। मौत को गले लगाने से पहले लाखन सिंह ने एक 6 मिनट का वीडियो बनाया, जिसमें उनका दर्द छलक उठा। कांपती आवाज में उन्होंने बताया कि कैसे उनकी पुत्रवधू और उसके मायके वालों ने उनका 'जीना हराम' कर रखा था।
"लड़की वालों की चलती है जी..."
वीडियो में लाखन सिंह ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि करीब एक साल पहले उनके बेटे ने प्रेम विवाह किया था, लेकिन बहू ने 15 दिन बाद ही अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए। आरोप है कि बहू ने घर के जेवर और ससुर की अंगूठी तक अपने कब्जे में ले ली थी। लाखन सिंह ने वीडियो में कहा, "आजकल लड़की वालों की ही चलती है जी, वह 6 दिन से कमरा बंद करके बैठी है और लगातार जमीन अपने नाम करने का दबाव बना रही है। वह मेरे बेटे से कोई संतान भी नहीं चाहती और अब तक चार बार घर से भाग चुकी है।"
पंचायत में मांगा 18 लाख का 'हर्जाना'
मृतक के बेटे अरुण ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके ससुराल वाले लंबे समय से उसके पिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। अरुण के मुताबिक, 30 अप्रैल को ससुराल पक्ष के लोग पंचायत लेकर घर आए थे। पंचायत के बीच में ही उन्होंने 18 लाख रुपये की मांग रख दी और उसके पिता के साथ गाली-गलौज व मारपीट की गई। इसी सामाजिक अपमान और आर्थिक दबाव को लाखन सिंह झेल नहीं पाए और अपनी दुकान पर जाकर सुसाइड कर लिया।
8 लोगों पर मुकदमा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सदर थानेसर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक की पुत्रवधू डोली, उसके चाचा, चाची, मां और भाइयों समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी (SHO) रणधीर सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। हालांकि, मौत की सही वजह विसरा रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश सैनी को मृतक के गले पर कुछ निशान मिले हैं, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर प्रेम विवाहों के बाद परिवारों में बढ़ते बिखराव और 'झूठे मुकदमों' या 'धमकियों' के डर से बिखरते सामाजिक ताने-बाने पर सवालिया निशान लगा दिया है।