कुरुक्षेत्र एनआईटी में छात्र ने दी जान: हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला मेवात का लाल
Apr 01, 2026 1:12 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एनआईटी में मंगलवार की रात खुशियों और पढ़ाई के शोर के बीच मातम लेकर आई। यहां बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर के छात्र पवन कुमार ने हॉस्टल नंबर-8 के अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पवन शाम से ही अपने कमरे के अंदर था, लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई और दोस्तों ने खिड़की से झांका, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पवन का शव पंखे से लटका हुआ था। आनन-फानन में हॉस्टल सिक्योरिटी और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पूरे कैंपस में भारी भीड़ जमा हो गई।
डायरी में 'कर्ज' का जिक्र? पुलिस हर पहलू की कर रही तफ्तीश
सूचना मिलते ही थर्ड गेट पुलिस चौकी के प्रभारी विनोद कुमार और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। कमरे की बारीकी से तलाशी ली गई, जिसमें फिलहाल कोई औपचारिक सुसाइड नोट तो नहीं मिला है, लेकिन पुलिस के हाथ एक नोटबुक लगी है। जांच अधिकारी ने बताया कि इस नोटबुक में कुछ जगहों पर 'कर्ज' (Loan/Debt) के बारे में लिखा गया है। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या 20-21 साल का यह छात्र किसी वित्तीय दबाव या साइबर फ्रॉड का शिकार तो नहीं था। पवन के मोबाइल फोन को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है ताकि उसकी आखिरी कॉल डिटेल्स और चैट्स खंगाली जा सकें।
संस्थान के अधिकारियों में मची खलबली, मेवात भेजा गया संदेश
इस दुखद घटना की खबर मिलते ही एनआईटी निदेशक सहित संस्थान के तमाम वरिष्ठ अधिकारी हॉस्टल पहुंचे। आसपास के कमरों में रहने वाले छात्रों से पूछताछ की गई, लेकिन देर रात तक मौत की सटीक वजह साफ नहीं हो सकी। सहपाठियों का कहना है कि पवन पढ़ाई में ठीक था और व्यवहार में भी सामान्य नजर आ रहा था। संस्थान के निदेशक डॉ. बीवी रमन्ना रेड्डी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि फिलहाल आधिकारिक जानकारी डॉ. ब्रह्मजीत ही दे पाएंगे, जिनसे संपर्क की कोशिश की जा रही है। उधर, पवन के परिजनों को मेवात में सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
कुरुक्षेत्र पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह पूरी तरह आत्महत्या का ही मामला है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, एनआईटी प्रशासन ने छात्रों से धैर्य रखने और किसी भी मानसिक तनाव की स्थिति में संस्थान के काउंसलर से बात करने की अपील की है।