एनआईटी कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत के बाद भड़का आक्रोश, छात्रों ने की सीबीआई जांच की मांग
Apr 17, 2026 10:19 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) का कैंपस इन दिनों छात्रों के गुस्से की आग में जल रहा है। बिहार की एक छात्रा की संदिग्ध मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। संस्थान के मुख्य द्वार पर भारी तादाद में जमा हुए विद्यार्थियों ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि कैंपस के गेट को बंद करना पड़ा और देर रात तक तनाव बरकरार रहा। छात्रों का कहना है कि यह उनकी बर्दाश्त की हद पार हो चुकी है।
'मानसिक उत्पीड़न' ने ली जान? प्रोफेसरों पर उठे सवाल
प्रदर्शन का केंद्र केवल छात्रा की मौत नहीं, बल्कि संस्थान के भीतर का दमघोंटू माहौल है। छात्रों का स्पष्ट आरोप है कि कुछ प्रोफेसर और लेक्चरर अनावश्यक असाइनमेंट का दबाव बनाकर विद्यार्थियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। एक छात्र ने बताया कि पढ़ाई का यह सख्त और नकारात्मक रवैया अक्सर अवसाद का कारण बन जाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे हर रोज एक मनोवैज्ञानिक दबाव के साये में जीने को मजबूर हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता खत्म हो रही है और वे तनाव के दलदल में धंसते जा रहे हैं।
चार महीने में 4 मौतें, प्रशासन के आश्वासन से भरोसे का संकट
आक्रोशित छात्रों ने इस घटना को एक सिरे से जुड़ी कड़ियों के रूप में देखा है। उनके मुताबिक, पिछले दो-तीन महीनों में कैंपस के भीतर आत्महत्या के चार मामले सामने आ चुके हैं। हर बार प्रशासन जांच का झुनझुना थमा देता है, लेकिन नतीजा हमेशा शून्य रहता है। इस बार छात्रों ने ठान लिया है कि वे बिना ठोस कार्रवाई के पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि प्रोफेसरों और प्रशासन की मिलीभगत की परतें खुल सकें।
काउंसलिंग से लेकर निष्पक्ष जांच तक की मांग
कैंपस की सुरक्षा और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्र केवल जांच की मांग ही नहीं कर रहे, बल्कि वे कैंपस में एक मजबूत 'स्टूडेंट सपोर्ट मैकेनिज्म' की वकालत भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक ऐसा काउंसलिंग सिस्टम होना चाहिए जो बिना किसी डर के छात्रों की बात सुन सके। फिलहाल, संस्थान प्रशासन और पुलिस अधिकारी स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन छात्रों का रुख बताता है कि कैंपस में शांति तब तक नहीं लौटेगी जब तक उन्हें इंसाफ की उम्मीद नहीं दिखेगी।