लाडवा के SGMP स्कूल में CBSE की 'हैप्पी क्लासरूम' वर्कशॉप, शिक्षकों को मिले खास टिप्स
Jun 06, 2026 10:48 AM
लाडवा (कैलाश गोयल) कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा (धनोरा) स्थित संजय गांधी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तनावमुक्त बनाने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। स्कूल परिसर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के निर्देशानुसार 'हैप्पी क्लासरूम' (खुशहाल कक्षाएं) विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे तौर-तरीकों से रूबरू कराना था, जिससे वे क्लास के माहौल को बोझिल बनाने के बजाय बच्चों के लिए मनोरंजक और ज्ञानवर्धक बना सकें।
सुरक्षित और प्रेरित माहौल ही सफलता की बुनियाद: दीपक माटा
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और स्कूल के प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन और शांति प्रार्थना के साथ हुई। इसके बाद सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता (रिसोर्स पर्सन) दीपक माटा ने खुशहाल कक्षाओं की बारीकियों को समझाया। उन्होंने कहा कि कक्षा केवल चार दीवारों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा स्थान होना चाहिए जहां हर छात्र खुद को सुरक्षित, सम्मानित और सीखने के लिए प्रेरित महसूस करे। जब तक बच्चे मानसिक रूप से खुश नहीं होंगे, तब तक वे पढ़ाई में अपना शत-प्रतिशत नहीं दे सकते।
तनाव दूर करने को अपनाएं संगीत, हास्य और कहानियां
वहीं दूसरी रिसोर्स पर्सन मनमोहन कौर ने शिक्षकों के साथ बेहद व्यावहारिक और आसान रणनीतियां साझा कीं। उन्होंने सुझाव दिया कि हर दिन की क्लास की शुरुआत सीधे पढ़ाई से करने के बजाय 'माइंडफुलनेस' या कूटनीतिक कृत्य (कृतज्ञता गतिविधियों) से होनी चाहिए। पाठ को रोचक बनाने के लिए शिक्षकों को बीच-बीच में हास्य, प्रेरक कहानियों और संगीत का सहारा लेना चाहिए। इसके अलावा, छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के बजाय समूह में काम करने (ग्रुप टास्क) की आदत डालनी चाहिए, ताकि बच्चों के भीतर से परीक्षा और पढ़ाई का डर खत्म हो सके।
शिक्षक की मुस्कान ही छात्र की सफलता का पहला कदम: नरेंद्र शर्मा
इस दौरान स्कूल के सभी शिक्षकों ने रोल-प्ले, आइसब्रेकर और केस-बेस्ड चर्चाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समझा कि व्यावहारिक तौर पर क्लास के भीतर आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटना है। शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा ने एक बेहद खूबसूरत बात कही कि, "एक शिक्षक की मुस्कान ही छात्र की सफलता का पहला कदम होती है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि इस ट्रेनिंग के बाद शिक्षक अपनी कक्षाओं को और अधिक जीवंत बनाएंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने दोनों रिसोर्स पर्सन्स को स्मृति चिन्ह के तौर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए तुलसी के पौधे भेंट किए।