थानेसर मंडी में आधी रात की हेराफेरी: यूपी से आया गेहूं एमएसपी पर खपाने का आरोप, सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
Apr 15, 2026 1:59 PM
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की थानेसर अनाज मंडी में इन दिनों गेहूं की सरकारी खरीद पर सवालों के काले बादल मंडरा रहे हैं। शहीद भगत सिंह किसान यूनियन (SBSKU) ने मंडी प्रशासन और खरीद प्रणाली की शुचिता पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उत्तर प्रदेश से चोरी-छिपे गेहूं लाकर रातों-रात एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खपाया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल तब हो रहा है जब स्थानीय किसान अपनी फसल बेचने के लिए कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
बिना गेट पास और बायोमेट्रिक के 'बैक डोर' एंट्री
शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के महासचिव दिलबाग सिंह ने इस पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए बताया कि बीती रात मंडी के पिछले गेट से दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दाखिल हुईं। आरोप है कि इन ट्रॉलियों में करीब 300 क्विंटल गेहूं लदा था और उन पर उत्तर प्रदेश (UP) के रजिस्ट्रेशन नंबर थे। दिलबाग सिंह के मुताबिक, "हैरानी की बात यह है कि इन वाहनों का न तो कोई गेट पास काटा गया और न ही पोर्टल के नियमों के अनुसार बायोमेट्रिक मिलान किया गया। नियम केवल किसानों के लिए सख्त हैं, व्यापारियों के लिए मंडी के दरवाजे आधी रात को भी खुले हैं।"
यूनियन ने दावा किया है कि उनके पास इन वाहनों के मंडी में घुसने की पुख्ता सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसे अधिकारियों को सौंप दिया गया है। आरोप है कि आढ़तियों और कुछ भ्रष्ट कर्मियों की मिलीभगत से बाहर का सस्ता गेहूं लाकर हरियाणा के किसानों के कोटे में दर्ज कर दिया जाता है, जिससे सरकारी खजाने को सीधा चूना लग रहा है।
किसानों के लिए नियम, बिचौलियों के लिए छूट?
मंडी में अपनी फसल लेकर आए स्थानीय किसानों में इस खबर के बाद भारी रोष है। किसान नेताओं का कहना है कि एक तरफ सरकार ने किसानों के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, रजिस्ट्रेशन, गेट पास और अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) जैसी दर्जनों शर्तें लगा रखी हैं, वहीं दूसरी ओर दूसरे राज्यों का गेहूं बिना किसी रोक-टोक के मंडी के फर्श पर उतर रहा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इस 'सिंडिकेट' के खिलाफ 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने से गुरेज नहीं करेंगे।
मार्केट कमेटी की सफाई: जांच के घेरे में आढ़ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्केट कमेटी के सचिव हरजीत सिंह ने माना कि दो वाहन बिना गेट पास के मंडी परिसर में दाखिल हुए थे। उन्होंने कहा, "यूनियन की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज हमारे पास है। हम इसकी गहनता से जांच कर रहे हैं कि ये ट्रॉली किस आढ़ती के पास पहुंची थीं और इसका गेहूं कहाँ उतारा गया। जिस भी आढ़ती की संलिप्तता पाई जाएगी, उसका लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।"
फिलहाल, मंडी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पिछले गेट पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन सवाल वही बरकरार है—क्या यह महज दो ट्रॉलियों का मामला है या सीजन की शुरुआत से ही एमएसपी की बंदरबांट का यह खेल पर्दे के पीछे जारी है।