नूंह में विजिलेंस की रेड: रिश्वत लेते पकड़ा गया सुपरवाइजर, बचने के लिए छत से लगाई छलांग
May 01, 2026 1:30 PM
नूंह। नूंह जिला मुख्यालय पर स्थित मार्केट कमेटी के दफ्तर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भ्रष्टाचार के आरोपी एक सुपरवाइजर ने विजिलेंस टीम को देखते ही अपनी जान जोखिम में डालकर भागने की कोशिश की। आरोपी वेदपाल को जैसे ही अहसास हुआ कि उसने रिश्वत के जो नोट पकड़े हैं, वो उसकी गिरफ्तारी का वारंट बन चुके हैं, उसने बिना सोचे-समझे दफ्तर की पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। हालांकि, विजिलेंस के जांबाज कर्मियों ने उसे जमीन चूमते ही दबोच लिया। यह पूरा घटनाक्रम किसी थ्रिलर फिल्म के सीन जैसा नजर आया।
लाइसेंस के नाम पर 'वसूली' का खेल
इस पूरी कार्रवाई की पटकथा सालाहेड़ी गांव के रहने वाले जैद की शिकायत पर लिखी गई। जैद को मंडी में काम करने के लिए लाइसेंस की जरूरत थी, लेकिन दफ्तर के चक्कर काटने पर उसे रिश्वत का रास्ता दिखाया गया। आरोप है कि मंडी सचिव मनोज कुमार के इशारे पर सुपरवाइजर वेदपाल ने लाइसेंस जारी करने के एवज में 20,000 रुपये की डिमांड की थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 15,600 रुपये में तय हुआ। जैद ने इसकी सूचना तुरंत विजिलेंस ब्यूरो को दी, जिसके बाद टीम ने पाउडर लगे नोटों के साथ जाल बिछाया।
जमानत पर बाहर आते ही फिर शुरू की 'दुकानदारी'
आरोपी सुपरवाइजर वेदपाल का रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, वेदपाल पहले भी भ्रष्टाचार के संगीन मामलों में जेल की हवा खा चुका है। वह अभी कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था, लेकिन अपनी आदतों से बाज नहीं आया। जेल से बाहर कदम रखते ही उसने फिर से मंडी में अवैध वसूली का नेटवर्क सक्रिय कर दिया। विभाग के भीतर चर्चा है कि सुपरवाइजर तो सिर्फ एक चेहरा था, असली कमान सचिव के हाथों में थी।
सचिव फरार, विजिलेंस की कई टीमें दबिश में जुटीं
पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के आधार पर विजिलेंस ने मंडी सचिव मनोज कुमार को इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल का मास्टरमाइंड माना है। जैसे ही रेड की भनक सचिव को लगी, वह दफ्तर से रफूचक्कर हो गया। विजिलेंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सुपरवाइजर हमारी हिरासत में है और फरार सचिव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।" इस कार्रवाई के बाद मंडी के अन्य कर्मचारियों और बिचौलियों में भी भारी खौफ देखा जा रहा है।