Mohali News: मोहाली में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और जिला पुलिस की कार्यवाही, विदेशी गैंगस्टरों के गुर्गे को हथियारों सहित पकड़ा
May 01, 2026 12:46 PM
मोहाली: पंजाब के मोहाली (SAS नगर) में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और जिला पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में विदेशी गैंगस्टरों के एक अहम गुर्गे को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से .32 बोर की एक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी सीधे तौर पर विदेश में बैठे गैंगस्टर हैंडलर्स के संपर्क में था और उनके निर्देशों पर काम कर रहा था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से ट्राइसिटी क्षेत्र में बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया गया है।
ट्राइसिटी में कई टारगेट निशाने पर
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में कई संभावित टारगेट दिए गए थे। इन टारगेट्स में गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देना शामिल था, जिसकी योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी। आरोपी इन इलाकों की लगातार रेकी कर रहा था और हर गतिविधि की जानकारी अपने विदेशी आकाओं तक पहुंचा रहा था। सूत्रों के अनुसार आरोपी को विदेश में बैठे गैंगस्टर हैंडलर्स से लगातार निर्देश मिल रहे थे। वह उनके निर्देशों के अनुसार ही हर कदम उठा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को हथियार उपलब्ध कराए गए थे, ताकि वह तय समय पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सके। इससे यह संकेत मिलता है कि यह एक संगठित और योजनाबद्ध आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा है।
समय रहते कार्रवाई से टली बड़ी वारदात
AGTF और मोहाली पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोपी को नहीं पकड़ा जाता, तो ट्राइसिटी में गंभीर आपराधिक घटना हो सकती थी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा है या नहीं। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के आगे और पीछे के लिंक खंगालने में जुटी हैं। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गैंग के तार किन-किन लोगों और स्थानों से जुड़े हुए हैं और उन्हें फंडिंग कहां से मिल रही है।
पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल के जरिए पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।