पलवल पुलिस की बड़ी कामयाबी: करोड़ों का इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद, अंतर्राज्यीय गैंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Apr 24, 2026 1:43 PM
पलवल। पलवल जिले की पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। काफी समय से पुलिस की राडार पर चल रहे एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह को दबोचा गया है, जो ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजे जाने वाले कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान को रास्ते में ही गायब कर देता था। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने शुक्रवार को खुलासा किया कि सीआईए हथीन के प्रभारी दीपक गुलिया की टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर इस गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन गुर्गों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
सवा करोड़ की रिकवरी और 'मास्टरमाइंड' का कच्चा चिट्ठा
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने जो जखीरा बरामद किया है, उसे देख अधिकारी भी हैरान रह गए। रिकवरी में 148 ब्रांडेड लैपटॉप, 140 कीबोर्ड, मोबाइल फोन और प्रिंटर शामिल हैं। बाजार में इस पूरे सामान की कीमत लगभग 1.25 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। गिरोह का सरगना अतुल, जो मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है, बेहद शातिर अपराधी है। उस पर पहले भी चोरी के तीन संगीन मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि अतुल ने ही पूर्व में एक बड़ी वारदात के दौरान 800 मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया था।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के काम करने के अनोखे तरीके का पता चला है। ये लोग मुख्य रूप से उन बड़े ट्रकों और कंटेनरों को निशाना बनाते थे जो नामी कंपनियों का इलेक्ट्रॉनिक माल लेकर एक राज्य से दूसरे राज्य जाते थे। आरोपी सबसे पहले गाड़ी के ड्राइवर और कंडक्टर को लालच देकर अपने साथ मिलाते थे। इसके बाद सुनसान रास्तों पर गाड़ी से सामान उतार लिया जाता और बाद में उसे फर्जी बिलों या ग्रे मार्केट में सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था। गुरुग्राम के बिलासपुर थाने में दर्ज करोड़ों की चोरी का मामला भी इसी गिरोह से जुड़ा निकला।
अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी जारी
गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड अतुल के साथ उसके दो अन्य साथी शामिल हैं, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और चोरी का यह माल किन दुकानदारों को सप्लाई किया जाता था। एसपी नीतीश अग्रवाल ने साफ किया है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की तफ्तीश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।