Punjab Breaking: दूध पाउडर के सैंपल फेल, वेरका के GM समेत 3 अधिकारी सस्पेंड, सेना ने 125 मीट्रिक टन खेप लौटाई
Mar 27, 2026 5:27 PM
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना स्थित वेरका मिल्क प्लांट में सप्लाई किए गए दूध पाउडर के सैंपल फेल होने के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। मिल्कफेड के एमडी राहुल गुप्ता ने शुक्रवार को प्लांट के जीएम दलजीत सिंह समेत तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब भारतीय सेना ने वेरका द्वारा सप्लाई किए गए करीब 125 मीट्रिक टन होल मिल्क पाउडर को क्वालिटी मानकों पर खरा न उतरने के कारण वापस लौटा दिया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे राज्य में इस मुद्दे को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
सेना की जांच में फेल हुए सैंपल
भारतीय सेना की जांच के दौरान वेरका के दूध पाउडर के सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद सेना ने पूरी खेप को रिजेक्ट कर दिया। इस खेप में दो बैच शामिल थे, जिनका कुल वजन करीब 125 मीट्रिक टन था। गुणवत्ता में कमी सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नोटिस में दी गई चेतावनी
आर्मी सर्विस कोर यूनिट की ओर से लुधियाना जिला कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन को नोटिस जारी किया गया। इसमें कहा गया कि सात दिनों के भीतर रिजेक्ट किए गए सैंपल कार्यालय से वापस ले लिए जाएं। यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो अधिकारियों की कमेटी द्वारा इन्हें नष्ट कर दिया जाएगा और इसके बाद किसी भी प्रकार का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार ने बनाई जांच कमेटी
मामला सामने आने के बाद विभाग ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि दो सैंपल फेल हुए हैं और वेरका अपने स्तर पर जांच कर रहा है। जरूरत पड़ने पर फूड सप्लाई विभाग को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे सरकार की विफलता बताया और कहा कि इससे पंजाब की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। वहीं शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।