रेवाड़ी ब्रेकिंग: बावल आईएमटी की सोलर कंपनी में भीषण आग, धमाकों से दहल उठा औद्योगिक क्षेत्र
May 07, 2026 11:07 AM
रेवाड़ी। रेवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र बावल (IMT) में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। आईएमटी स्थित नामी 'UTL सोलर कंपनी' में रात करीब 11:15 बजे अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री आग के गोले में तब्दील हो गई। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कंपनी में प्रोडक्शन का काम बंद था, वरना किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।
12 गाड़ियां और 180 टैंक पानी: रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की सूचना मिलते ही रेवाड़ी और बावल से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग का विकराल रूप देख आसपास के अन्य स्टेशनों से भी मदद बुलानी पड़ी। सहायक फायर ऑफिसर संजय के नेतृत्व में दमकल की 12 गाड़ियों ने मोर्चा संभाला। बताया जा रहा है कि आग बुझाने के लिए हर गाड़ी ने 15 से 17 फेरे लगाए और कुल 180 से ज्यादा टैंक पानी का इस्तेमाल किया गया। दमकल अधिकारियों के मुताबिक, पास में ही पानी की उपलब्धता होने के कारण ऑपरेशन में काफी मदद मिली, जिससे आग को पड़ोसी फैक्ट्रियों तक फैलने से रोक लिया गया।
ट्रांसफार्मर फटने से भड़कीं लपटें? प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया मंजर
आग लगने की वजह को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कंपनी के पास लगा एक बिजली का ट्रांसफार्मर जोरदार धमाके के साथ फटा था। धमाके के बाद निकली चिंगारियों ने पास ही मौजूद ज्वलनशील सामग्री को पकड़ लिया और आग कंपनी के भीतर तक जा पहुंची। कंपनी के सुरक्षा गार्ड ने तुरंत इसकी जानकारी मैनेजमेंट और पुलिस को दी। हालांकि, फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को भी एक संभावित कारण माना जा रहा है।
लाखों का माल खाक, स्थिति अब नियंत्रण में
सुबह होने तक दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया था, लेकिन इस हादसे में कंपनी के भीतर रखा भारी मात्रा में तैयार माल और कच्चा सामान जलकर राख हो गया है। कंपनी प्रबंधन फिलहाल नुकसान का आकलन करने में जुटा है। सहायक फायर ऑफिसर संजय ने बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कूलिंग का काम पूरा कर लिया गया है। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर आग के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है।