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रेवाड़ी में एसीबी का बड़ा एक्शन: कोर्ट के आदेश पर भी मांगी घूस, चौकी इंचार्ज और एएसआई गिरफ्तार

May 01, 2026 12:44 PM

रेवाड़ी। रेवाड़ी पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गुरुग्राम एसीबी की टीम ने कुंड चौकी में दबिश देकर भ्रष्टाचार के बड़े खेल का पर्दाफाश किया। यह मामला न केवल रिश्वतखोरी का है, बल्कि सीधे तौर पर न्यायिक आदेशों की अवहेलना का भी है। नांधा गांव के रहने वाले श्रवण कुमार की मोटरसाइकिल एक मुकदमे के सिलसिले में पुलिस ने जब्त कर रखी थी। श्रवण ने कानूनी लड़ाई लड़ी और अदालत से अपनी बाइक की 'सुपरदारी' के आदेश भी हासिल कर लिए। लेकिन जब वे आदेश की कॉपी लेकर चौकी पहुंचे, तो इंचार्ज योगेश कुमार और एएसआई कुलदीप ने कानून का पालन करने के बजाय 'सुविधा शुल्क' की डिमांड रख दी।

ऑडियो रिकॉर्डिंग ने खोली पोल: एसीबी की सर्जिकल स्ट्राइक

पुलिसकर्मियों के इस रवैये से तंग आकर श्रवण कुमार ने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय उन्हें सबक सिखाने की ठानी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से हुई बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और गुरुग्राम स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो के दफ्तर पहुँच गए। ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद एसीबी की टीम ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया। गुरुवार शाम को जैसे ही श्रवण कुमार तयशुदा सात हजार रुपये लेकर चौकी पहुंचे और एएसआई कुलदीप ने नोटों की गड्डी हाथ में थामी, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी टीम ने उन्हें दबोच लिया।

होटल चोरी की जांच के नाम पर फंसाया था पेच

इस पूरे विवाद की जड़ 19 अप्रैल को नेशनल हाईवे-11 स्थित ओल्ड अशोका होटल में हुई एक चोरी की वारदात है। होटल मालिक सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था और इसी जांच के दायरे में श्रवण कुमार की बाइक को भी लिया गया था। हालांकि, अदालत ने श्रवण को राहत देते हुए बाइक छोड़ने का हुक्म सुनाया था। जांच अधिकारियों ने इसी अदालती प्रक्रिया को उगाही का जरिया बना लिया। एसीबी के हत्थे चढ़े दोनों पुलिसकर्मियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी है।

खाकी पर दाग: महकमे में हड़कंप

चौकी इंचार्ज स्तर के अधिकारी की इस तरह रंगे हाथों गिरफ्तारी ने रेवाड़ी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोर्ट के आदेश लेकर जाने वालों से भी घूस मांगी जा रही है, तो सामान्य फरियादी की क्या बिसात होगी। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए नोटों पर विशेष केमिकल लगाया गया था, जिससे आरोपियों के हाथ धुलवाते ही सच सबके सामने आ गया। फिलहाल, पुलिस अब यह भी जांच रही है कि क्या इन दोनों अधिकारियों ने पहले भी इस तरह से लोगों को प्रताड़ित किया है।

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