Rajasthan News: सिरोही जिले में एक सड़क हादसा में पिता-पुत्र की मौत, तेज रफ्तार गैस टैंकर ने बाइक को मारी टक्कर
May 14, 2026 11:13 AMसिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में दिल्ली-कांडला नेशनल हाईवे 168 पर बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। रेवदर क्षेत्र के राजगढ़ गांव के पास तेज रफ्तार गैस टैंकर और बाइक की टक्कर में पिता और तीन साल के बेटे की मौके पर मौत हो गई। हादसे में मृतक की पत्नी और सात महीने का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
राजगढ़ के पास हुआ दर्दनाक हादसा
रेवदर थाने के एएसआई भरत कुमार के अनुसार दिल्ली-कांडला नेशनल हाईवे 168 पर राजगढ़ गांव के नजदीक तेज रफ्तार गैस टैंकर ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में असावा निवासी जयंतीलाल और उनके तीन वर्षीय बेटे रवि की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही कुछ देर प्रभावित रही। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गैस टैंकर को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस अब टैंकर चालक से पूछताछ कर रही है।
ससुराल से लौट रहा था परिवार
मृतक के भाई हिरालाल ने बताया कि जयंतीलाल अपनी पत्नी और बच्चों को लेने के लिए रेवदर के हड़मतिया गांव स्थित ससुराल गया था। बुधवार रात वह परिवार के साथ बाइक से वापस असावा लौट रहा था। घर से महज एक किलोमीटर पहले राजगढ़ के पास यह हादसा हो गया। परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। हादसे की खबर मिलते ही गांव और रिश्तेदारों में शोक फैल गया। स्थानीय लोग भी रात में बड़ी संख्या में घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे।
मां और सात महीने का बेटा गंभीर घायल
हादसे में जयंतीलाल की पत्नी एवन देवी और सात महीने का बेटा आकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को तुरंत रेवदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में परिजन और रिश्तेदार लगातार उनकी हालत की जानकारी लेते रहे। पुलिस ने घायल महिला के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
रेवदर अस्पताल पहुंचे परिजन
पुलिस ने पिता और बेटे के शवों को कब्जे में लेकर रेवदर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपने की तैयारी शुरू की। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बढ़ती तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के मुताबिक जयंतीलाल वेल्डिंग का काम करता था और परिवार की जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी शादी करीब सात साल पहले हुई थी। परिवार में पत्नी, बच्चे, माता-पिता और दो भाई हैं। बताया गया कि जयंतीलाल के एक बड़े भाई की मौत भी पहले सड़क हादसे में हो चुकी है। एक ही परिवार में लगातार सड़क हादसों ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोगों का घर पर तांता लगा हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।