पानीपत की स्टूडेंट से 14 लाख की ठगी, लखनऊ में पीजी एडमिशन का झांसा देकर ठगी
May 11, 2026 4:39 PM
पानीपत। साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण पानीपत में देखने को मिला है। यहां चांदनीबाग क्षेत्र की एक महिला डॉक्टर को उच्च शिक्षा (PG) का झांसा देकर 14 लाख रुपये लूट लिए गए। पानीपत साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी तफ्तीश के बाद इस जालसाज को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़ा गया आरोपी साधू जमन महज 12वीं पास है, लेकिन सोशल मीडिया पर वह खुद को एक रसूखदार डॉक्टर बताकर मेडिकल फील्ड की छात्राओं को अपना शिकार बनाता था।
लखनऊ में एडमिशन का झांसा और फिर गायब
पीड़ित डॉक्टर हरसिमरन कौर ने साल 2022 में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की थी और वे आगे की पढ़ाई के लिए अच्छे कॉलेज की तलाश में थीं। इसी दौरान इंस्टाग्राम पर उनकी मुलाकात कथित 'डॉ. निखिल' से हुई। इस जालसाज ने खुद को बड़ा संपर्क वाला व्यक्ति बताते हुए लखनऊ के एक प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में सीट पक्की कराने का भरोसा दिलाया। हरसिमरन उसकी बातों में ऐसी उलझीं कि उन्होंने बताए गए खातों में किस्तों में 14 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का खुलासा तब हुआ जब हरसिमरन लखनऊ पहुंचीं और उन्हें पता चला कि वहां उनके नाम का कोई दाखिला ही नहीं हुआ है।
देशभर की 15 महिला डॉक्टरों को बनाया निशाना
पुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया है, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपी साधू जमन सोशल मीडिया पर खास तौर पर उन लड़कियों की प्रोफाइल ट्रैक करता था, जो एमबीबीएस कर रही हैं या कर चुकी हैं। वह अब तक करीब 14-15 महिला डॉक्टरों को अपना शिकार बना चुका है। उसका अपराध करने का तरीका इतना शातिर है कि वह पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए मेडिकल टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल करता था। साल 2020 में भी दिल्ली में उसके खिलाफ इसी तरह का केस दर्ज हुआ था, जिसमें वह जमानत पर बाहर आया था।
6 लाख रुपये फ्रीज, रिमांड के बाद जेल भेजा
साइबर थाना प्रभारी दीपक ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद बैंक खातों की पड़ताल कर 6 लाख रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस खेल में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी इस ठग के खिलाफ मामला दर्ज होने की पुष्टि हुई है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि बाकी की रकम की बरामदगी और इसके पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने की कोशिशें जारी हैं।