अंबाला BSNL उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर: 26 मई को सजेगी टेलीफोन अदालत, मौके पर होगा फैसला
May 20, 2026 5:31 PM
अंबाला। सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) के नेटवर्क और मनमाने बिलों से परेशान अंबाला के उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। विभाग ने लंबे समय से लंबित शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए आगामी 26 मई को 'टेलीफोन अदालत एवं खुला दरबार' लगाने का फैसला किया है। अंबाला दूरसंचार जिला महाप्रबंधक कार्यालय में सुबह 11 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन में खुद महाप्रबंधक मौजूद रहेंगे, जो सीधे उपभोक्ताओं की बात सुनेंगे और ऑन-द-स्पॉट फाइलों का निपटारा करेंगे।
भारी-भरकम बिल और नए कनेक्शन की सुस्ती पर रहेगा फोकस
बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक से मिली जानकारी के मुताबिक, इस खुली अदालत का मुख्य मकसद उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाना है। अदालत में मुख्य रूप से 30 अप्रैल तक जारी हुए उन बिलों पर सुनवाई होगी, जिनमें गड़बड़ी या जरूरत से ज्यादा रकम आने की शिकायत है। इसके अलावा, जिन लोगों को हाई-स्पीड इंटरनेट यानी एलएल/एफटीटीएच (LL/FTTH) सर्विस का कनेक्शन मिलने में महीनों से देरी हो रही है या जिनकी इंटरनेट सेवा बार-बार ठप हो जाती है, वे भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कोर्ट में चल रहे पुराने मामलों पर नहीं होगी कोई बात
विभागीय गाइडलाइंस के अनुसार, इस टेलीफोन अदालत के कुछ कड़े नियम भी तय किए गए हैं। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जो मामले पहले से ही किसी कानूनी अदालत या कंज्यूमर कोर्ट में विचाराधीन हैं, उन्हें यहां एंटरटेन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, पिछली टेलीफोन अदालतों में जो शिकायतें एक बार निपटाई जा चुकी हैं, उन पर दोबारा कोई सुनवाई नहीं होगी। विभाग का पूरा जोर सिर्फ नए और जायज प्रशासनिक मामलों को सुलझाने पर रहेगा।
ऐसे करें आवेदन: लिफाफे पर 'टेलीफोन अदालत' लिखना जरूरी
अगर आप भी बीएसएनएल की सेवाओं से त्रस्त हैं और इस अदालत में अपनी बात रखना चाहते हैं, तो आपको एक तय प्रक्रिया का पालन करना होगा। उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दो कॉपियों में तैयार करनी होगी, जिसके साथ संबंधित बिल या कनेक्शन के कागजात लगाने अनिवार्य हैं। इस आवेदन को सहायक महाप्रबंधक (प्रचालन) के दफ्तर में सीधे जाकर या डाक के जरिए भेजा जा सकता है। ध्यान रहे कि आवेदन वाले लिफाफे के ऊपर मोटे अक्षरों में 'टेलीफोन अदालत' लिखना जरूरी है। उपभोक्ता किसी भी तरह की पूछताछ या असमंजस की स्थिति में सीधे विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0171-2601070 पर संपर्क कर पूरी जानकारी ले सकते हैं।