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Old Gurugram Metro: पुराने गुरुग्राम के लिए बड़ी खुशखबरी, अब सीधे रेलवे स्टेशन तक जाएगी मेट्रो, कैबिनेट की मंजूरी

May 20, 2026 5:38 PM

गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम के पुराने इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन का एक नया और सुगम रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा सरकार ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के दायरे को और व्यापक करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कॉरिडोर के विस्तार को हरी झंडी दिखाई। अब यह मेट्रो लाइन सिर्फ सेक्टरों तक सीमित न रहकर सीधे गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक जाएगी। इस नए लिंक के जुड़ने से रोजाना दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों के लिए ट्रेन पकड़ने वाले हजारों यात्रियों को ऑटो और बसों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।

समय के साथ बदला खाका; ₹5,452 करोड़ का प्रोजेक्ट अब ₹8,500 करोड़ का हुआ

यह परियोजना पिछले काफी समय से फाइलों और मंजूरी के दौर से गुजर रही थी। साल 2019 में जब इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हुई थी, तब इस पर करीब 5,452 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। लेकिन समय बीतने, जमीन अधिग्रहण की अड़चनों, जीएसटी (GST) दरों में बदलाव और अब रेलवे स्टेशन तक जोड़े गए नए 1.80 किलोमीटर के रूट के कारण इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर लगभग ₹8,500 करोड़ तक पहुंच गई है। कैबिनेट ने इस संशोधित वित्तीय अनुमान को पास कर दिया है।

फंडिंग का फॉर्मूला: सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए अपनी पूंजी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बैंकों की भी मदद ले रही है। पहले जहां विश्व बैंक और यूरोपीय वित्तीय संस्थानों से ₹2,688 करोड़ का कर्ज लेने का खाका खींचा गया था, वहीं अब कुल बजट बढ़ने के कारण लोन की इस राशि को भी आनुपातिक रूप से बढ़ाया जाएगा।

सेक्टर-33 में बनेगा विशाल डिपो, रैपिड मेट्रो से भी होगा जुड़ाव

तकनीकी और संरचनात्मक (Structural) बदलावों की बात करें तो इस प्रोजेक्ट में कई नए सुधार किए गए हैं। शुरुआत में मेट्रो का मुख्य डिपो सेक्टर-101 के एक सीमित इलाके में प्रस्तावित था, लेकिन भविष्य की जरूरतों और अतिरिक्त कोचों (डिब्बों) को खड़ा करने की क्षमता को देखते हुए अब इसे सेक्टर-33 के एक बड़े भूखंड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके अलावा, इस पूरी लाइन को मौजूदा रैपिड मेट्रो नेटवर्क से इंटरलिंक करने की भी योजना है, ताकि यात्री एक ही टिकट या कार्ड से पूरे गुरुग्राम का सफर कर सकें।

सेक्टर-45 बनेगा 'मल्टी-मोडल हब', बदलेगी शहर के ट्रांसपोर्ट की सूरत

सरकार का इरादा केवल मेट्रो चलाने का नहीं, बल्कि पूरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आपस में जोड़ने का है। इसके लिए रूट पर पड़ने वाले सेक्टर-45 मेट्रो स्टेशन को एक 'मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन हब' के तौर पर डिजाइन किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि जैसे ही यात्री मेट्रो से नीचे उतरेंगे, उन्हें स्टेशन परिसर से ही गुरुग्राम सिटी बस डिपो की बसें मिल जाएंगी। इस बेहतरीन तालमेल से सड़कों पर चलने वाले निजी वाहनों और ऑटो के दबाव में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।

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