हरभजन सिंह की सुरक्षा मामले में पंजाब सरकार को हाई कोर्ट से फटकार: कहा- सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं सरकार
May 20, 2026 5:05 PM
चंडीगढ़: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। पिछली सुनवाई में स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दाखिल नहीं किया गया, जिस पर अदालत ने असंतोष जताया।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने एक बार फिर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर हाई कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है, फिर दोबारा समय मांगने का क्या औचित्य है। अदालत ने पंजाब सरकार को 27 मई 2026 तक विस्तृत और अंतिम जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है।
ADGP को पेश होने की चेतावनी
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी कि यदि तय तारीख तक सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो पंजाब पुलिस के ADGP (सुरक्षा) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
इस पूरे मामले की शुरुआत 25 अप्रैल 2026 को हुई थी। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के अगले दिन पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि बिना किसी नए खतरे के आकलन और बिना पूर्व सूचना के यह फैसला लिया गया।
जालंधर स्थित घर के बाहर हुआ था प्रदर्शन
सुरक्षा हटाए जाने के बाद जालंधर स्थित हरभजन सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन हुआ था। दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखे जाने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद हरभजन सिंह ने 30 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा बहाल रखने की मांग की थी।
मामले में अब तक तीन अहम सुनवाई हो चुकी हैं। पहली सुनवाई 30 अप्रैल को हुई थी, जिसमें कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया था। दूसरी सुनवाई में अदालत ने 15 ‘अनऑफिशियल’ पुलिसकर्मियों की तैनाती पर सवाल उठाए थे। बुधवार को हुई तीसरी सुनवाई में जवाब दाखिल न करने पर सरकार को फटकार लगाई गई।