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हरियाणा सरकारी कर्मचारी ध्यान दें: 22 मई तक भरें प्रॉपर्टी रिटर्न, वरना रुक जाएगी सैलरी

May 20, 2026 5:17 PM

हरियाणा। हरियाणा के सरकारी महकमों में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने के लिए खट्टर-सैनी सरकार के प्रशासनिक तंत्र ने एक बार फिर कड़ा रुख अपना लिया है। इस कड़ी में मौलिक शिक्षा विभाग ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को चल-अचल संपत्ति का ब्योरा (Property Return) देने का आखिरी मौका दिया है। विभाग की ओर से जारी ताजा फरमान के मुताबिक, आगामी 22 मई तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी संपत्तियों की घोषणा न करने वाले कर्मचारियों को इस महीने की सैलरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

क्लास-1 से लेकर क्लास-3 तक के सभी कर्मचारी राडार पर

पंचकूला स्थित मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEOs) को एक बेहद कड़ा पत्र भेजा गया है। इस आदेश की जद में विभाग का कोई एक छोटा तबका नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा अमला आ रहा है। आदेश में साफ किया गया है कि श्रेणी-1 (Class-1), श्रेणी-2 (Class-2) और श्रेणी-3 (Class-3) के अंतर्गत आने वाले हर स्थायी और जिम्मेदार कर्मचारी के लिए वित्त वर्ष 2025-26 का प्रॉपर्टी रिटर्न ऑनलाइन दर्ज करना कानूनी और प्रशासनिक रूप से अनिवार्य है।

जिला अधिकारियों को कमान, लापरवाही पर गाज गिरना तय

निदेशक कार्यालय द्वारा जारी पत्र में मैदानी स्तर पर तैनात सभी जिला अधिकारियों को सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनसे कहा गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र और ब्लॉक में काम कर रहे सभी शिक्षकों, क्लर्कों और अन्य स्टाफ से हर हाल में 22 मई की शाम तक ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करवाएं। मुख्यालय ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि अंतिम तिथि बीतने के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और डिफॉल्टर सूची में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

महकमे में मची अफरा-तफरी, कागजात जुटाने में लगे कर्मचारी

शिक्षा विभाग के इस तीखे तेवर के बाद प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों और प्रशासनिक दफ्तरों में हड़कंप का माहौल है। जिन कर्मचारियों ने अब तक अपनी संपत्तियों का ब्योरा तैयार नहीं किया था, वे अब सीए (CA) और विभागीय जानकारों के चक्कर काट रहे हैं। बैंक खातों की डिटेल, जमीनों के कागजात और अन्य संपत्तियों के मूल्यांकन को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है, क्योंकि इस बार विभाग किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।

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