हरियाणा में ₹500 में घूमें 6 ऐतिहासिक जगहें, 30 मई को शुरू हो रही 'हेरिटेज सिटी वॉक'
May 20, 2026 5:52 PM
हरियाणा। हरियाणा सरकार अब प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों और पौराणिक किस्सों को युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए नए प्रयोग कर रही है। इसी कड़ी में आगामी 30 मई को राज्य में 'हेरिटेज एंड सिटी वॉक' का आयोजन होने जा रहा है। स्थानीय पर्यटन को रफ्तार देने के मकसद से शुरू की गई इस मुहिम का यह दूसरा संस्करण है। चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने इस विशेष वॉक का आधिकारिक ब्रोशर लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को महाभारत काल के गौरवशाली अतीत और भारतीय संस्कृति से जोड़ना है।
500 रुपये के टिकट में गाइड से लेकर नाश्ते तक का इंतजाम
विभाग ने इस दो घंटे के सफर को बेहद किफायती और सुगम बनाने की कोशिश की है। वॉक में शामिल होने के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपये का मामूली शुल्क तय किया गया है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या क्यूआर कोड स्कैन करके इसके लिए बुकिंग की जा सकती है। सुबह 6 बजे से शुरू होने वाले इस भ्रमण के दौरान पर्यटकों को भटकना न पड़े, इसके लिए हर जगह गाइड मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर शख्स को विभाग की तरफ से पानी की बोतल, चाय-कॉफी, एक आकर्षक टोपी और हल्का नाश्ता भी दिया जाएगा।
पंचकूला से कुरुक्षेत्र तक, इन 6 रूट्स पर घूमेंगे पर्यटक
इस बार की वॉक के लिए पर्यटन विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों को कवर करते हुए बेहद दिलचस्प रूट तैयार किए हैं:
पंचकूला (पिंजौर व मोरनी): पर्यटकों को मशहूर यादवेंद्र गार्डन, भीमा देवी मंदिर संग्रहालय, गुरुद्वारा मंजी साहिब, धारामंडल, प्राकृतिक बावड़ी और ऐतिहासिक मोरनी किले का दीदार कराया जाएगा।
कुरुक्षेत्र: धर्मनगरी में ज्योतिसर तीर्थ, पवित्र सरोवर, भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप और महाभारत अनुभव केंद्र संग्रहालय मुख्य आकर्षण होंगे।
फरीदाबाद व बल्लभगढ़: फरीदाबाद में सूरजकुंड जलाशय से लेकर असोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य तक की वॉक होगी, जबकि बल्लभगढ़ में राजा नाहर सिंह महल और रानी की छतरी के इतिहास से लोग वाकिफ होंगे।
रेवाड़ी: अहीरवाल के इस बेल्ट में सैंडपाइपर पर्यटक परिसर से लेकर ऐतिहासिक बड़ा तालाब तक का सफर तय किया जाएगा।
धरोहरों के कायाकल्प पर खर्च होंगे 100 करोड़ रुपये
इससे पहले सरकार ने 27 सितंबर 2024 को विश्व पर्यटन दिवस पर पहली बार ऐसी वॉक का सफल आयोजन किया था। पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कहते हुए बताया कि सरकार राज्य के पुराने पर्यटन स्थलों के विकास, उनके संरक्षण और सौंदर्याकरण पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर रही है। पिंजौर, कालका और तीतरताल जैसे प्राचीन महत्व के इलाकों को नए सिरे से विकसित किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।