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Bahadurgarh Sewer Death: बहादुरगढ़ के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में सीवर सफाई के दौरान प्लंबर की मौत, 8 पर FIR

May 20, 2026 5:34 PM

झज्जर। सुप्रीम कोर्ट की सख्त गाइडलाइंस और हाथ से मैला ढोने व सीवर सफाई पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद हरियाणा में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही ने एक गरीब की जान ले ली। बहादुरगढ़ के महाराजा अग्रसेन अस्पताल परिसर में सीवरेज की मैन्युअल सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए गहरे सीवर टैंक में उतारे गए प्लंबर सुनील की जहरीली गैस के रिसाव के कारण मौत हो गई। इस हादसे में सुनील के साथ काम कर रहे चार अन्य कर्मचारी भी गैस की चपेट में आकर अचेत हो गए थे, जिनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने संवेदना जताने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी रोष है।

छुट्टी के दिन जबरन काम पर बुलाया, विरोध करने पर दी धमकी

बिछौर और स्थानीय पुलिस थाने में मृतका की पत्नी द्वारा दी गई शिकायत इस पूरे तंत्र की कूरता को बयां करती है। शिकायत के मुताबिक, सुनील अस्पताल में बतौर प्लंबर तैनात था और घटना वाले दिन उसका साप्ताहिक अवकाश था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन के कुछ अधिकारियों ने फोन कर उसे तुरंत ड्यूटी पर आने का दबाव बनाया।

शिकायत के मुख्य अंश: सुनील की पत्नी ने आरोप लगाया है कि जब सुनील ने छुट्टी होने की बात कही, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। जब वह अस्पताल पहुंचा, तो उसे प्लंबिंग के काम के बजाय जहरीले सीवर टैंक को साफ करने के निर्देश दिए गए। सुनील और उसके साथियों ने जब बिना सुरक्षा उपकरणों (Safety Gears) के टैंक में उतरने से मना किया, तो प्रबंधन के पदाधिकारियों ने जबरन उन्हें अंदर धकेल दिया।

सीवर में उतरते ही मची चीख-पुकार, अस्पताल प्रबंधन ने साधी चुप्पी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही सुनील और अन्य चार कर्मचारी सीवर के भीतर दाखिल हुए, वहां जमी जानलेवा मीथेन और अन्य जहरीली गैसों ने उन्हें जकड़ लिया। चंद सेकंड के भीतर ही अंदर गए सभी पांचों कर्मचारी छटपटाकर बेहोश हो गए। बाहर खड़े अन्य लोगों ने जब शोर मचाया, तो बमुश्किल उन्हें बाहर निकाला गया। सुनील को तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शर्मनाक बात यह रही कि जिस अस्पताल परिसर में यह हादसा हुआ, उसी के प्रबंधन ने पीड़ित परिवार की सुध लेना तो दूर, पूरे मामले पर रहस्यमयी चुप्पी साध ली और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।

झज्जर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8 जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। झज्जर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर महाराजा अग्रसेन अस्पताल के प्रशासनिक पदाधिकारियों, सुपरवाइजर और संबंधित अधिकारियों सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी कब्जे में लिया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारियां की जाएंगी।

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