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Chandigarh News: नाकेबंदी सख्त, फिर भी आरोपी पहुंच से परे; पुलिस और कई जांच एजेंसियों के बावजूद ग्रेनेड फेंकने वाले बेखौफ घूम रहे

Apr 03, 2026 9:57 AM

चंडीगढ़। शहर के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर बुधवार शाम हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। घटना के कई घंटे बाद भी हमलावर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जबकि शहरभर में लगातार नाकेबंदी और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और जांच की रफ्तार पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5 बजे व्यस्त सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर अचानक धमाका हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस हमले में कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, जबकि घटनास्थल के आसपास पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल, लॉ भवन और एक पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान मौजूद हैं। यदि विस्फोट का असर ज्यादा होता, तो यह एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।

घटना के बाद से चंडीगढ़ पुलिस, क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल, पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) समेत कई एजेंसियां जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक जांच मुख्य रूप से सीसीटीवी फुटेज तक ही सीमित नजर आ रही है। अलग-अलग एंगल से सामने आए फुटेज में आरोपी दिखाई तो दे रहे हैं, लेकिन किसी में भी उनके चेहरे साफ नहीं दिख रहे, जिससे पहचान में मुश्किल हो रही है। पुलिस के हाथ एक वायरल वीडियो भी लगा है, जिसे कथित तौर पर आरोपियों ने खुद रिकॉर्ड कर लीक किया। इस वीडियो में एक युवक कैमरा संभाले हुए दिखता है, जबकि उसका साथी नीले रंग के हैंड ग्रेनेड की पिन निकालकर भाजपा कार्यालय की ओर फेंकता है और दोनों मौके से फरार हो जाते हैं। यह वीडियो जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग बन सकता है।

अब तक शहर में आपराधिक घटनाओं में गोलीबारी या चाकूबाजी जैसी वारदातें सामने आती रही थीं, लेकिन इस हमले में ग्रेनेड जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपियों के पास और भी विस्फोटक हो सकते हैं और वे किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड जीएचडी2पी प्रकार का बताया जा रहा है, जो पाकिस्तान में निर्मित होता है। ऐसे में जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय एंगल तक भी बढ़ गया है। पुलिस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी समर्थक सुखजिंदर सिंह बब्बर द्वारा लिए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। क्राइम बढ़ा, एनकाउंटर बना ट्रेंड; अब सेक्टर-37 ब्लास्ट केस में पुलिस की अगली चाल पर नजर

पिछले कुछ समय में चंडीगढ़ में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है, जिससे कानून व्यवस्था को लेकर चिंता गहराती जा रही है। हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो 16 जनवरी 2026 को सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी पर रंगदारी न देने पर फायरिंग हुई, जिसकी जांच चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संभाली और बाद में आरोपियों को नाकेबंदी के दौरान मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 17 मार्च को पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में छात्र नेता पर फायरिंग के मामले में पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), चंडीगढ़ पुलिस और फतेहगढ़ साहिब पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर को मुठभेड़ के बाद काबू किया। 

वहीं 18 मार्च को सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस की एजीटीएफ और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर कैथल में मुठभेड़ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन तीनों मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिला, जिसमें अलग-अलग राज्यों की पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय तो रहा, लेकिन आरोपियों को पकड़ने के लिए अंततः मुठभेड़ की स्थिति बनी। हालांकि अब यह देखना होगा कि सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट के आरोपियों तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंच पाती है और क्या उन्हें पकड़ना इतना आसान होगा, या फिर पहले की तरह इस मामले में भी मुठभेड़ वाला वही पैटर्न दोहराया जाता नजर आएगा।

ग्रेनेड हमले के अगले दिन हाईकोर्ट को बम धमकी

सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के अगले ही दिन वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह धमकी एक ई-मेल के जरिए चंडीगढ़ के एसएसपी कार्यालय को भेजी गई, जिसमें हाईकोर्ट परिसर में बम होने की चेतावनी दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और एहतियातन पूरे परिसर को खाली कराया गया, जिससे आसपास के इलाकों में ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ। 

इसके बाद हाईकोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड की टीमों ने हर संदिग्ध स्थान की जांच की, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर प्रवेश और आवाजाही पर कड़ी नजर रखी गई। साथ ही, साइबर टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है, जो ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी हाईकोर्ट और जिला अदालत को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।

सुरक्षा में चूक पर भाजपा का हमला, पंजाब की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

ग्रेनेड हमले के बाद वीरवार दोपहर पंजाब भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि प्रदेश कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस की है, क्योंकि यह कार्यालय भले चंडीगढ़ में स्थित है, लेकिन पंजाब भाजपा का मुख्यालय है। 

उन्होंने कहा कि यहां पहले से ही पंजाब पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहते हैं, साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी मौजूदगी रहती है। इसके बावजूद इस तरह का हमला होना सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है। शर्मा ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं का असर अब चंडीगढ़ तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिगड़ती स्थिति के चलते असामाजिक और अलगाववादी ताकतें सक्रिय हो रही हैं, जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही हैं।

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