दिल्ली में बिजली कनेक्शन का नया नियम: अब नहीं होगा साइट इंस्पेक्शन, सीधे घर आएगी पावर सप्लाई
Apr 03, 2026 10:23 AM
दिल्ली। दिल्ली में रहने वाले उन लोगों के लिए राहत भरी खबर है जो नए बिजली कनेक्शन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटते थे। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने सिस्टम की सबसे बड़ी अड़चन 'साइट इंस्पेक्शन' को जड़ से खत्म करने का फैसला लिया है। पहले नियम यह था कि आवेदन के बाद बिजली कंपनी के अधिकारी मौके पर जाकर जांच करते थे, जिसमें अक्सर हफ्तों का समय बर्बाद होता था। अब इस प्रक्रिया को हटाकर सीधे कनेक्शन देने का रास्ता साफ कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी देरी के बिजली मिल सके।
अब जेब खाली होने पर भी हो सकेगा आवेदन
नए नियमों का सबसे व्यावहारिक पहलू 'अग्रिम भुगतान' का खत्म होना है। अब तक उपभोक्ताओं को कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय ही मोटा शुल्क जमा करना पड़ता था, जो कई बार आम आदमी के बजट पर भारी पड़ता था। DERC ने अब यह व्यवस्था कर दी है कि आवेदन के समय कोई पैसा नहीं देना होगा। कनेक्शन लगने के बाद जो पहला बिजली बिल आएगा, उसी में सारे सरकारी शुल्क शामिल कर दिए जाएंगे। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो एक साथ मोटी रकम जुटाने में असमर्थ थे।
सेल्फ-डिक्लेरेशन से खत्म हुई अफसरों की मनमानी
सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए अब 'सेल्फ-डिक्लेरेशन' यानी स्व-घोषणा की सुविधा शुरू की गई है। इसके तहत मकान मालिक या किराएदार को केवल यह लिखकर देना होगा कि उनके परिसर की वायरिंग किसी मान्यता प्राप्त लाइसेंसधारी इलेक्ट्रिशियन से चेक कराई जा चुकी है। अब विभाग का कोई अफसर वायरिंग जांचने के नाम पर प्रक्रिया को नहीं लटका पाएगा। समय की बचत के साथ-साथ यह कदम भ्रष्टाचार की गुंजाइश को भी कम करेगा।
ओवरचार्जिंग और छिपे हुए खर्चों पर लगाम
बिजली आयोग ने साफ कर दिया है कि तय नियमों के अलावा कंपनियों को एक पैसा भी अतिरिक्त लेने का हक नहीं है। अक्सर नए कनेक्शन के नाम पर उपभोक्ताओं से 'हिडन चार्ज' वसूलने की शिकायतें आती रहती थीं, जिसे रोकने के लिए अब सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। यह कदम न केवल प्रक्रिया को हाई-टेक बना रहा है, बल्कि आम आदमी के लिए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को बेहद सुलभ और जवाबदेह भी बनाता है।