Chandigarh News: डिजिटल शिक्षा को मिला बढ़ावा, सेक्टर-39 के स्कूल में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित
Mar 24, 2026 10:12 AM
चंडीगढ़। बदलते समय के साथ शिक्षा का स्वरूप तेजी से डिजिटल हो रहा है और ऐसे में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना बेहद आवश्यक हो गया है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-39 डी में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि उन्हें डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगी।
भारतीय जनता पार्टी, चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा के प्रयासों से स्थापित इस कंप्यूटर लैब के लिए एसएमएल इसुजु द्वारा 15 कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित यह लैब विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और नई तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कराएगी। इससे छात्रों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना का विकास होगा, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
कंप्यूटर लैब का उद्घाटन सोमवार को शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा तथा डीपीआई (स्कूल) नीतीश सिंगला द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर एसोचैम चंडीगढ़ के अध्यक्ष एवं एसएमएल इसुजु के प्रतिनिधि राकेश भल्ला, प्रदेश मीडिया प्रभारी रवि रावत, इंटेलेक्चुअल सेल की कन्वीनर डॉ. मोनिका बी. सूद, मंडल अध्यक्ष अमित नागर, पार्षद गुरबख्श कौर, स्कूल प्रिंसिपल, शिक्षकगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने इस पहल का स्वागत किया।
अपने संबोधन में जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर ज्ञान केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि जब उनके संज्ञान में यह बात आई कि स्कूल में कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो उन्होंने इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का संकल्प लिया। इसके लिए उन्होंने एसएमएल इसुजु के प्रतिनिधि एवं एसोचैम चंडीगढ़ के अध्यक्ष राकेश भल्ला से संपर्क किया, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप स्कूल को 15 कंप्यूटर दान स्वरूप प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक लैब की स्थापना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कंप्यूटर शिक्षा के माध्यम से बच्चे न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनेंगे, बल्कि उनमें समस्या समाधान की क्षमता, रचनात्मक सोच और नवाचार की प्रवृत्ति भी विकसित होगी। यह उन्हें उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए तैयार करेगा।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि डिजिटल शिक्षा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनते हैं और देश के विकास में सक्रिय योगदान दे सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारतीय जनता पार्टी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य जारी रहेंगे।