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Chandigarh News: एमसीएम डीएवी कॉलेज के दीक्षांत समारोह में हरियाणा के राज्यपाल ने छात्राओं को किया प्रेरित

Apr 25, 2026 10:52 AM

चंडीगढ़: सेक्टर-36 स्थित मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर वूमेन के वार्षिक दीक्षांत समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और छात्राओं को संबोधित किया। राज्यपाल ने कहा कि पिछले छह दशकों में कॉलेज ने ऐसे अनेक विद्यार्थी तैयार किए हैं जिन्होंने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन छात्राओं के जीवन का एक गौरवपूर्ण पड़ाव है और इस उपलब्धि के लिए उन्होंने छात्राओं के साथ-साथ उनके परिवारों और शिक्षकों को भी बधाई दी। 

उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन में अनंत अवसरों के द्वार खोलती है और सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है। वास्तविक सफलता केवल उपलब्धियों में नहीं बल्कि निरंतर विकास में निहित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि दीक्षांत समारोह अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है और जीवन में आगे बढ़ते हुए निर्णय, परिश्रम और दृढ़ संकल्प ही भविष्य को दिशा देते हैं। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने ‘नारी शक्ति’ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं उद्यमिता, खेल, विज्ञान सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश अब महिला सशक्तिकरण से आगे बढ़कर महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर अग्रसर है और हरियाणा जैसे राज्यों में महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, कौशल विकास और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि कॉलेज की छात्राएं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कॉलेज के लाइब्रेरी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, हॉस्टल वेलफेयर एवं संस्थान के समग्र विकास के लिए 10 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।

छात्राओं को मिला टैब सूत्र का संदेश

अतिथि-विशेष जस्टिस (सेवानिवृत्त) प्रीतम पाल ने इस अवसर को वर्षों की मेहनत का परिणाम और जीवन के नए चरण की शुरुआत बताया, जहां अकादमिक ज्ञान वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से जुड़ता है। उन्होंने टैब (थॉट्स, एक्शन्स और बिहेवियर) का सूत्र साझा करते हुए कहा कि यही तत्व व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करते हैं और उसकी पहचान तय करते हैं। 

उन्होंने छात्राओं को सीमाओं से आगे बढ़कर संभावनाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि उन्हें केवल अपेक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि छात्राएं संस्थान से मिले मूल्यों और अनुशासन को अपने जीवन में आगे भी बनाए रखें।

773 छात्राओं को बांटी गईं डिग्रियां

दीक्षांत समारोह में कुल 773 ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं, जो उनके शैक्षणिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उनकी पत्नी एवं हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष विशेष अतिथि रहीं। इस अवसर पर डीएवी कॉलेज मैनेजिंग कमेटी, नई दिल्ली के उपाध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) प्रीतम पाल और पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. योगेश कुमार रावल ने अतिथि-विशेष के रूप में शिरकत की। 

इसके बाद कार्यवाहक प्रिंसिपल नीना शर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कॉलेज की शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की डबल ब्लाइंड पीयर रिव्यूड शोध पत्रिका ‘न्यू होराइजंस’ का भी विमोचन किया गया।

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