Chandigarh News: नए आपराधिक कानूनों, साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर गृह सचिव ने की व्यापक समीक्षा
May 08, 2026 10:15 AM
चंडीगढ़: यूटी प्रशासन के गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में वीरवार को चंडीगढ़ पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चंडीगढ़ में लागू किए गए तीनों नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच प्रणाली को मजबूत बनाने, पुलिस अधोसंरचना विकास तथा ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी/सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक सुमेर प्रताप सिंह, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी/मुख्यालय एवं क्राइम मनजीत श्योराण, एसपी/साइबर एवं ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल, एलआर-कम-डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन सूर्य चंदर कांत, चीफ इंजीनियर सी.बी. ओझा, मुख्य वास्तुकार राजीव मेहता सहित प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान गृह सचिव ने यूटी चंडीगढ़ में तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। नए पुलिस स्टेशनों के निर्माण कार्यों और पुलिस विभाग की विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं की स्थिति का भी आकलन किया गया। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस में मानव संसाधन सृजन और आवश्यक पदों की उपलब्धता से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। गृह सचिव ने जघन्य अपराधों, एनडीपीएस मामलों और साइबर अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को पेशेवर, वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित बनाया जाए तथा आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों और वैज्ञानिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जांच अधिकारियों के लिए अपराध स्थल प्रबंधन, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण और कानूनी प्रक्रियाओं से संबंधित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों एवं विशेष प्रशिक्षण पर जोर दिया। साथ ही वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ई-साक्ष्य प्रणाली के प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए। बैठक में साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। गृह सचिव ने आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उभरते साइबर खतरों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए संस्थागत क्षमता और विशेष कौशल को और सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है।
यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुए गृह सचिव ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक सिग्नल प्रबंधन प्रणाली को यातायात की वास्तविक स्थिति के अनुरूप अधिक गतिशील बनाया जाए, ताकि शहर में यातायात सुचारु बना रहे और जाम की स्थिति में कमी लाई जा सके। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस द्वारा हाल ही में लागू किए गए बॉडी-वॉर्न कैमरों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की तथा पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।