Chandigarh News: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 38 लाख की ठगी करने वाले 12 आरोपियों पर 22 अप्रैल से चलेगा ट्रायल
Apr 10, 2026 10:28 AM
चंडीगढ़: शहर में बुजुर्ग दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर 38 लाख रुपये ठगने के मामले में अब कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस केस में 12 आरोपियों के खिलाफ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अदालत ने मामले की सुनवाई 22 अप्रैल से तय की है। पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में स्पर्श कुमार सिंह, फजल हक उर्फ राकी, वीना रानी, सतनाम सिंह, धर्मिंदर सिंह, सुखदीप सिंह उर्फ सुख, मुकेश उर्फ प्रिंस, ओंकार शर्मा, जसविंदर सिंह, अभिनव शर्मा उर्फ अभि, अंकुश कुमार और वरिंदर कुमार उर्फ विक्की को आरोपी बनाया गया है।
सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। जांच के मुताबिक, 7 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ निवासी बुजुर्ग व्यक्ति को अज्ञात नंबरों से कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने दंपति को गिरफ्तारी का डर दिखाया और व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी में एक व्यक्ति को दिखाकर भरोसा दिलाने की कोशिश की।
इसके बाद आरोपितों ने फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजे और दंपती को पूरे दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। डर के कारण दंपती किसी से संपर्क नहीं कर सके और इसी दौरान आरोपियों ने उनसे लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया और अब अदालत में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।