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हरियाणा में प्लॉट खरीदने से पहले जरूरी होगा NOC, अवैध कॉलोनियों पर सरकार सख्त

Mar 11, 2026 1:51 PM

चंडीगढ़। चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार ने राज्य में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अब एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की खाली जमीन की अदला-बदली, बिक्री, पट्टे या उपहार के रूप में हस्तांतरण से पहले अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य किया जाएगा। सरकार इसके लिए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास एवं विनियमन (संशोधन) 2026 लाने की तैयारी में है, जिससे जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के जरिए अवैध कॉलोनी काटने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके।

राज्य सरकार का मानना है कि कई जिलों में छोटे प्लॉटों के नाम पर जमीन की अदला-बदली करके बाद में बड़े और अधिक मूल्यवान भूखंड हासिल किए जा रहे हैं। इस तरह के लेन-देन कागजों में अदला-बदली दिखते हैं, लेकिन व्यवहार में यह जमीन की बिक्री का तरीका बन जाता है।

एक एकड़ से कम जमीन के लेन-देन पर सख्त नियम

मौजूदा नियमों के तहत एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी भी रिक्त भूमि की अदला-बदली, विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप में अंतरण से पहले दस्तावेज का पंजीकरण करने के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या उनके अधिकृत अधिकारी से NOC लेना पड़ता है।

अब प्रस्तावित संशोधन के जरिए इन नियमों को और सख्त बनाया जाएगा। इससे जमीन के छोटे टुकड़ों को बेचकर अवैध कॉलोनियां विकसित करने के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

धारा-7ए में बदलाव की तैयारी

सरकार धारा-7 के तहत आने वाली जमीनों की अदला-बदली को रोकने के लिए कानून में संशोधन कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार धारा-7ए में बदलाव कर विनियमन विलेख को भी इन प्रावधानों में शामिल किया जाएगा।

इस बदलाव का सीधा असर उन लेन-देन पर पड़ेगा जिनके जरिए अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की खरीद-फरोख्त होती है। इससे बिना अनुमति काटी गई कॉलोनियों में जमीन का कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा।

सरकार को हो रहा था राजस्व नुकसान

सरकार के संज्ञान में यह भी आया है कि कुछ मामलों में छोटे भूखंडों की अदला-बदली दिखाकर बाद में अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में अधिक कीमत वाले भूखंड हासिल किए जा रहे हैं। इससे राज्य को राजस्व का नुकसान भी हो रहा था।

नए संशोधन लागू होने के बाद ऐसे लेन-देन पर निगरानी बढ़ेगी। इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को भी कानूनी स्थिति स्पष्ट रहेगी और भविष्य में विवाद या धोखाधड़ी की आशंका कम हो सकेगी।

प्लॉट खरीदने वालों के लिए क्या मायने

हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरों में कई लोग निवेश या मकान बनाने के लिए छोटे प्लॉट खरीदते हैं। नए नियम लागू होने के बाद ऐसे लेन-देन में NOC की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।

इसका मकसद यह है कि लोग बिना मंजूरी वाली कॉलोनियों में प्लॉट खरीदकर बाद में कानूनी परेशानियों में न फंसें। सरकार चाहती है कि शहरी विकास नियमानुसार हो और आम लोगों का पैसा भी सुरक्षित रहे।

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