चंडीगढ़: कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सरकारी नौकरियां देने के मामले में स्थानीय युवाओं को नजरअंदाज करने और राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का शुक्रवार को आरोप लगाया। एक बयान में सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार की ‘सोची-समझी’ नीति के तहत हरियाणा में 70-80 प्रतिशत अधिकारी स्तर के पद गैर-हरियाणवी उम्मीदवारों से भरे जा रहे हैं। हरियाणा के बिजली विभाग में हाल ही में हुई सहायक अभियंता भर्ती का जिक्र करते हुए सुरजेवाला ने दावा किया कि सामान्य वर्ग के 214 पदों में से 185 पद बाहरी लोगों से भरे गए, जो कुल पद का लगभग 90 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इस कदम से हरियाणा के युवाओं को कम वेतन वाली नौकरियों की तलाश में पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा, जबकि दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों को हरियाणा में अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया।


सुरजेवाला ने दावा किया कि सिंचाई विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) भर्ती में सामान्य श्रेणी के 49 पदों में से 28 पद बाहरी लोगों को मिले, जबकि एएमओ भर्ती में सामान्य श्रेणी के 427 पदों में से लगभग 75 प्रतिशत पद गैर-हरियाणवी लोगों से भरे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दीवानी न्यायाधीश भर्ती के दौरान 110 पदों में से 60 पद बाहरी लोगों को मिले, जबकि तकनीकी शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 153 पद में से 106 पद गैर-हरियाणवी उम्मीदवारों से भरे गए। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि हरियाणा सिविल सेवा के तहत 40 फीसदी से अधिक पदों पर बाहरी लोगों की भर्ती की गई और वर्ष 2019 में एसडीओ (बिजली) भर्ती के दौरान 80 में से सिर्फ दो पद हरियाणा के लोगों को मिले। उन्होंने राज्य सरकार पर स्थानीय युवाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

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