Delhi Private School Fees: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इस साल नहीं बढ़ेगी प्राइवेट स्कूलों की फीस
Mar 01, 2026 12:15 PM
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उन लाखों अभिभावकों के लिए यह एक बड़ी राहत भरी खबर है, जिनके बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए 'स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी' (SLFRC) बनाने के शहर सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में दायर याचिकाओं पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक स्कूलों को यह कमेटी बनाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूल फिलहाल फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं कर पाएंगे।
पुरानी फीस पर ही चलेगा नया शैक्षणिक सत्र
महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी के लिए कोर्ट का यह आदेश सीधे तौर पर जेब को राहत देने वाला है। हाईकोर्ट के निर्देश से यह तय हो गया है कि प्राइवेट स्कूलों को 2026-27 के एकेडमिक सेशन में उतनी ही फीस लेनी होगी, जितनी उन्होंने 2025-26 में ली थी। अदालत की बेंच ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की अत्यधिक या मनमानी फीस वसूली को सीधे कानून के दायरे में रेगुलेट किया जाएगा।
दरअसल, दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली स्कूल एजुकेशन (फीस तय करने और रेगुलेशन में ट्रांसपेरेंसी) एक्ट, 2025' को नोटिफाई किया था। इसका मुख्य उद्देश्य प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर लगाम कसना था। सरकार ने 1 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन में स्कूलों को 10 दिन के अंदर SLFRC बनाने का सख्त निर्देश दिया था।
स्कूल एसोसिएशन ने दी थी कोर्ट में चुनौती
दिल्ली सरकार के इस आदेश के खिलाफ कई प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन लामबंद हो गए थे। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिकाओं का एक बैच दायर कर 1 फरवरी के नोटिफिकेशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। बेंच ने शनिवार को इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब तक यह मामला अदालत में लंबित है, तब तक SLFRC के गठन को टालना ही उचित होगा। अब अदालत इस मामले में 12 मार्च 2026 को अगली और निर्णायक सुनवाई करेगी।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया 'फीस माफिया' की हार
हाईकोर्ट के फैसले पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 12 मार्च तक फीस बढ़ोतरी पर रोक लगने के फैसले की तारीफ करते हुए इसे दिल्ली सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का सबूत बताया। शिक्षा मंत्री ने इसे आम जनता का शोषण करने वाले 'फीस माफिया' के खिलाफ एक पक्का कवच करार दिया।
आशीष सूद ने कहा कि यह सिर्फ एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि बरसों से मनमानी फीस बढ़ोतरी का दंश झेल रहे माता-पिता के लिए बड़ा न्याय है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने इस केस को पूरी मजबूती से लड़ा और नतीजे सबके सामने हैं। उन्होंने दिल्ली की जनता को आश्वस्त किया कि जब तक 12 मार्च की सुनवाई के बाद SLFRC का गठन नहीं हो जाता, तब तक राजधानी का कोई भी स्कूल बढ़ी हुई फीस लागू नहीं कर सकता।