NEET UG 2026 री-एग्जाम की तारीख का एलान: 21 जून को होगी परीक्षा, पेपर लीक के कारण 12 मई को हुए थे रद्द
May 15, 2026 11:12 AM
देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। National Testing Agency (NTA) ने शुक्रवार सुबह NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी। अब यह परीक्षा रविवार 21 जून 2026 को आयोजित होगी। इससे पहले 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को पेपर लीक की आशंका और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। इस परीक्षा में करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे और देश के 551 शहरों के साथ विदेश के 14 शहरों में 5400 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
21 जून को होगा NEET-UG री-एग्जाम
NTA ने आधिकारिक बयान में कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील भी की है। नई परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा और पहले से भरे गए फॉर्म मान्य रहेंगे।
नई एडमिट कार्ड और परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से कुछ दिन पहले जारी की जाएगी। परीक्षा ऑफलाइन मोड में ही आयोजित होगी। पिछले कई दिनों से लाखों छात्र नई तारीख का इंतजार कर रहे थे और सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठा रहे थे।
पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा
3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा को 12 मई को रद्द किया गया था। जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में परीक्षा की गोपनीयता प्रभावित होने के संकेत मिले थे। इसके बाद मामला Central Bureau of Investigation को सौंपा गया और एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर NTA ने कहा था कि निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोबारा परीक्षा कराना जरूरी है। परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। कई कोचिंग संस्थानों ने छात्रों के लिए नए रिवीजन बैच भी शुरू कर दिए हैं।
सीकर तक पहुंचा था कथित लीक पेपर
सीबीआई जांच में राजस्थान के सीकर जिले का नाम सामने आया है। जांच एजेंसी को जानकारी मिली है कि कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए प्रश्नपत्र राजस्थान पहुंचाया गया। सूत्रों के अनुसार छात्रों से पेपर उपलब्ध कराने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपए तक वसूले गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विकास बिंवाल और उसके पिता दिनेश बिंवाल ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर PDF बनाई थी। इसके बाद यह सामग्री सीकर के कुछ कोचिंग छात्रों तक पहुंचाई गई। वायरल हुए कथित गेस पेपर में मूल प्रश्नपत्र के 180 में से करीब 150 सवाल मेल खाने की बात भी जांच में सामने आई है।
सात आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा कस्टडी में
सीबीआई अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें राजस्थान के मांगी लाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार शामिल हैं। इन आरोपियों को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन की कस्टडी में भेजा गया। इसके अलावा महाराष्ट्र से मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। पिछले दो दिनों में राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी की गई। जांच एजेंसी ने कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ भी की है।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर परीक्षा को अदालत की निगरानी में कराने की मांग की है। संगठन ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। उधर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार शाम अधिकारियों के साथ बैठक की। माना जा रहा है कि सरकार परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्र ट्रांसपोर्ट और निगरानी व्यवस्था में बदलाव पर भी विचार कर रही है ताकि दोबारा किसी तरह की गड़बड़ी न हो।