Delhi-NCR Truck Strike: दिल्ली-एनसीआर में कमर्शियल वाहनों का चक्काजाम, ग्रीन टैक्स के विरोध में सड़कों पर उतरे ट्रांसपोर्टर्स
May 21, 2026 2:30 PM
गुरुग्राम। दिल्ली से सटे गुरुग्राम और पूरे एनसीआर के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आज सुबह से सन्नाटा पसरा हुआ है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के बैनर तले कमर्शियल वाहन मालिकों ने दिल्ली सरकार की परिवहन नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 21 मई की सुबह से शुरू हुई यह हड़ताल 23 मई की रात तक चलेगी। ट्रांसपोर्टरों ने साफ कर दिया है कि इस दौरान कोई भी छोटा-बड़ा मालवाहक वाहन दिल्ली की सीमा में कदम नहीं रखेगा। इस हड़ताल की मुख्य वजह दिल्ली सरकार द्वारा कमर्शियल गाड़ियों पर लगाया जा रहा भारी-भरकम ग्रीन टैक्स और लगातार कड़े किए जा रहे प्रतिबंध हैं, जिससे ट्रांसपोर्टर्स खुद को घाटे के भंवर में फंसा पा रहे हैं।
गुरुग्राम का 'पहिया' रुकने से करोड़ों का टर्नओवर प्रभावित
लॉजिस्टिक्स और ऑटोमोबाइल के ग्लोबल हब गुरुग्राम के लिए यह हड़ताल एक बड़ा झटका साबित हो रही है। मारुति सुजुकी समेत सैकड़ों बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अपने कंपोनेंट्स और तैयार गाड़ियों की देशव्यापी सप्लाई के लिए पूरी तरह इन्हीं ट्रकों पर निर्भर हैं। हड़ताल के पहले ही दिन उद्योगों से माल लेकर निकलने वाले ट्रकों की संख्या न के बराबर रह गई, जिससे गोदामों में इन्वेंट्री ब्लॉक होने लगी है। उद्योग जगत के जानकारों की मानें तो गुरुग्राम और धारूहेड़ा के इंडस्ट्रियल बेल्ट में रोजाना करोड़ों रुपये का बिजनेस इस चक्काजाम की वजह से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।
महंगाई के अनुपात में भाड़ा बढ़ाने और टैक्स नीति में सुधार की मांग
हड़ताल पर बैठे ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन उनकी अनसुनी की गई। उनकी मुख्य मांग है कि डीजल के बढ़ते दामों और ग्रीन टैक्स की मार के बीच माल ढुलाई का न्यूनतम किराया नए सिरे से तय किया जाए। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि एक तरफ तो उन पर पाबंदियां थोपकर कमाई के रास्ते बंद किए जा रहे हैं, और दूसरी तरफ टैक्स के नाम पर जेबें ढीली की जा रही हैं। ऐसे में बिना भाड़ा बढ़ाए गाड़ियों की ईएमआई (EMI) और ड्राइवरों का खर्च निकालना मुमकिन नहीं रह गया है।
सीमाओं पर सुरक्षा सख्त; अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
हड़ताल के मद्देनजर दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ने वाले सरहौल बॉर्डर, कापसहेड़ा और घिटोरनी बॉर्डर पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि कोई जबरन रास्ता न रोके या तोड़फोड़ न करे। हालांकि, ट्रांसपोर्टर्स ने स्पष्ट किया है कि उनका यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे अपनी गाड़ियां खड़ी कर केवल अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
चुनौतीपूर्ण लहजे में AIMTC ने दिल्ली सरकार को आगाह किया है कि यह तीन दिनों की हड़ताल महज एक सांकेतिक चेतावनी है। अगर 23 मई तक सरकार ने उनकी समस्याओं का संज्ञान लेकर टैक्स नीतियों पर दोबारा विचार नहीं किया, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल में बदल दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।