झज्जर मंडी में दीपेंद्र हुड्डा का धावा: बोले- पोर्टल की खराबी ने किसानों की कमर तोड़ दी
Apr 15, 2026 4:46 PM
झज्जर। गेहूं खरीद के पीक सीजन में अनाज मंडियों की अव्यवस्था और उठान की सुस्त रफ्तार को लेकर राजनीति गरमा गई है। रोहतक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को झज्जर अनाज मंडी का औचक दौरा किया। इस दौरान उनके साथ झज्जर की विधायक गीता भुक्कल और बादली के विधायक कुलदीप वत्स भी मौजूद रहे। मंडी में चारों तरफ गेहूं के लगे अंबार और किसानों की परेशानी देख दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे।
आंकड़ों का गणित: आवक 5 लाख, उठान महज 90 हजार
मंडी का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए दीपेंद्र हुड्डा ने सरकारी दावों की पोल खोलते हुए कहा कि झज्जर मंडी में अब तक करीब 5 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि उठान मात्र 90 हजार क्विंटल के आसपास ही सिमटा हुआ है। उन्होंने कहा, "मंडियां गेहूं से अटी पड़ी हैं, पैर रखने की जगह नहीं है। अगर इस बीच आसमान से आफत (बारिश) बरस जाती, तो किसान और आढ़ती की साल भर की मेहनत मिट्टी में मिल जाती। सरकार आखिर किस बात का इंतजार कर रही है?"
पोर्टल बना किसानों के लिए 'फांस'
सरकार की 'डिजिटल खरीद' प्रणाली पर निशाना साधते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पोर्टल की समस्या किसानों के लिए जी का जंजाल बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद के पिछले 10 दिनों में से 5 दिन पोर्टल पूरी तरह ठप रहा। हुड्डा ने तंज कसते हुए कहा, "सरकार को यह समझना चाहिए कि किसान साल के 365 दिन मंडी में नहीं आता। साल में सिर्फ कुछ दिन ही खरीद होती है, तो कम से कम उस दौरान तो पोर्टल को दुरुस्त रखा जाना चाहिए। बाकी समय चाहे आप पोर्टल बंद रखें, लेकिन किसान की फसल बिकने के समय इसका सुचारू होना अनिवार्य है।"
नमी के मुद्दे पर राजस्थान का हवाला
नमी (मॉइस्चर) के नाम पर किसानों की फसल में की जा रही कटौती पर भी दीपेंद्र ने सरकार को घेरा। उन्होंने पड़ोसी राज्य का उदाहरण देते हुए कहा कि जब राजस्थान सरकार अपने किसानों को नमी की सीमा में छूट दे सकती है, तो हरियाणा की सरकार ऐसा क्यों नहीं कर पा रही? उन्होंने मांग की कि खरीद से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को इतना सरल बनाया जाए कि किसान को मंडी में 'धक्के' न खाने पड़ें।
सियासी चर्चा: सम्राट चौधरी को दी बधाई
मंडियों के मुद्दे के अलावा दीपेंद्र हुड्डा ने अन्य राजनीतिक सवालों पर भी अपनी राय रखी। बिहार की सियासत में हो रही हलचल और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने उन्हें अग्रिम शुभकामनाएं दीं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें अपने प्रदेश के विकास और जनता की भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। भाजपा नेताओं द्वारा दिए जा रहे हालिया बयानों पर उन्होंने असहमति जताते हुए कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
झज्जर मंडी के इस दौरे के बाद दीपेंद्र हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठाएगी ताकि अन्नदाता को उसका वाजिब हक और सहूलियत मिल सके।