नारनौल में युवक को अगवा कर खेतों में पीटा, इंस्टाग्राम पर वायरल किया मारपीट का वीडियो
May 06, 2026 1:35 PM
नारनौल। नारनौल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए कुछ दबंगों ने एक युवक की जिंदगी को दांव पर लगा दिया। शहर के राधा कृष्ण पार्क के पास से फिल्मी अंदाज में एक युवक का अपहरण किया गया और फिर सुनसान खेतों में ले जाकर उसे लहूलुहान कर दिया गया। आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने इस पूरी वारदात का वीडियो बनाया और उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड कर अपनी 'गुंडागर्दी' का प्रदर्शन किया। घायल युवक फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है, जबकि पुलिस अब इन कथित 'सोशल मीडिया अपराधियों' की तलाश में दबिश दे रही है।
पुरानी रंजिश और बीच-बचाव बना जान का दुश्मन
पीड़ित के भाई विशाल सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद करीब 3-4 महीने पुराना है। विशाल ने बताया कि उसका भाई देव और वह खुद मेहनत-मजदूरी कर घर चलाते हैं। कुछ समय पहले देव के एक दोस्त का झगड़ा गांधी कॉलोनी निवासी शुभम और गोलू से हुआ था। उस वक्त देव ने इंसानियत के नाते बीच-बचाव किया और अपने दोस्त को छुड़ा लिया। यही बात हमलावरों को चुभ गई और उन्होंने देव को अपनी रंजिश की लिस्ट में डाल लिया। रविवार शाम को जब देव पार्क के पास खड़ा था, तभी घात लगाए बैठे 4-5 हमलावरों ने उस पर धावा बोल दिया।
सुनसान खेतों में ले जाकर छोड़ा अधमरा, दोस्त बने देवदूत
आरोपी देव को जबरन बाइक और स्कूटी पर बैठाकर कुलताजपुर रोड के पास झाड़ियों और खेतों में ले गए। वहां उसे घेरकर बेरहमी से पीटा गया। मारपीट के दौरान आरोपी लगातार वीडियो शूट करते रहे ताकि उसे वायरल किया जा सके। हमले के बाद जब देव बेसुध हो गया, तो आरोपी उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए। देव के दोस्तों ने हिम्मत दिखाई और तुरंत विशाल को सूचना दी। मौके पर पहुंचकर विशाल ने अपने भाई को संभाला और आनन-फानन में नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपियों की पहचान उजागर
इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप के मुताबिक, पीड़ित पक्ष की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रिंस, गोलू, बेगराज और डूमली को नामजद किया गया है, जबकि एक अन्य अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो को भी साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।