पति का कत्ल कर रची थी गुमशुदगी की झूठी कहानी, अब 'बेवफा' पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद
Apr 01, 2026 1:55 PM
करनाल। करनाल के काछवा इलाके में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। मामले की तहकीकात में सामने आया कि आरोपी रानी उर्फ कुलदीप का अपने प्रेमी सलिंद्र के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस रिश्ते के बीच उसका पति सूरजभान कांटा बना हुआ था। रास्ते से हटाने के लिए रानी और सलिंद्र ने मिलकर सूरजभान की हत्या की खौफनाक साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए रानी ने शातिराना अंदाज में सदर थाना करनाल में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
पुलिस की पैनी नजर: कॉल डिटेल्स ने खोली 'बेवफाई' की पोल
शुरुआत में पुलिस सूरजभान को एक लापता व्यक्ति मानकर तलाश रही थी, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच जांच टीम का माथा तब ठनका जब रानी की कॉल डिटेल्स खंगाली गईं। पुलिस ने पाया कि रानी और सलिंद्र के बीच घंटों बातचीत होती थी। शक गहराने पर जब पुलिस ने रानी को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो वह टूट गई। उसने कबूल किया कि उसने सलिंद्र के साथ मिलकर अपने ही सुहाग का गला घोंट दिया था।
कोर्ट का कड़ा रुख: 'आखिरी सांस तक जेल'
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य और परिस्थितिजन्य सबूत पेश किए। ए.एस.जे. रजनेश कुमार शर्मा की कोर्ट ने माना कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध समाज के ताने-बाने को कमजोर करते हैं। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद, जज ने रानी और उसके प्रेमी सलिंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद मृतक सूरजभान के परिजनों ने राहत की सांस ली है, हालांकि उनका बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा।
सबक: अपराध की उम्र लंबी नहीं होती
यह मामला उन अपराधियों के लिए एक बड़ा सबक है जो सोचते हैं कि वे कानून की आंखों में धूल झोंककर बच निकलेंगे। रानी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखकर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और न्यायिक प्रक्रिया ने अंततः सच को सामने ला ही दिया। करनाल पुलिस की इस कामयाबी और अदालत के सख्त फैसले की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।