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Mohali News: मोहाली के निजी स्कूल में मधुमक्खियों ने बच्चों पर किया हमला, तीन दर्जन से अधिक बच्चे चपेट में आए

Apr 30, 2026 10:57 AM

मोहाली: मोहाली के फेस-7 स्थित एक निजी स्कूल में उस समय मधुमक्खियों के हमला कर दिया जिस समय बच्चे स्कूल में लंच के दौरान ग्राउंड में थे और खेल रहे थे, इसी दौरान मधुमक्खियों का एक बडा झुंड आया और बच्चों को डंक मारना शुरू कर दिया। हालांकि इसकी भनक जैसे ही स्कूल प्रशासन को लगी उनके हाथ-पांव फूल गए और बच्चों को झटपटाते हुए देख फटा फटा उपचार के लिए मोहाली के सीविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और बच्चों का समय रहते सही तरीके से उपचार शुरू कर दिया गया। 

गौरतलब है कि इस घटना के दौरान स्कूल की प्रिंसीपल स्वयं बच्चों के साथ अस्पताल पहुंची और उन्होंने अपनी अन्य टीम के साथ बच्चों को हौंसला दिया और उपचार में अस्पताल कर्मचारियों का सहयोग देते हुए दिखाई दिए। हालांकि यह घटना जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंची तो अस्पताल में कई बच्चों के अभिभावक भी पहुंच गए, जिन्होंने स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को मामले की जानकारी न दिए जाने का रोष भी जताया। लेकिन गनिमयत यह रही है उपचार के बाद लगभग सभी पहुंचे ठीक हैं और कुछ बच्चों को तुरंत थोडी देर बाद उपचार करने के बाद अस्पताल से छुटटी दे दी गई थी, जबकि कुछ बच्चों को कुछ घंटों के लिए डाक्टर की निगरानी में रखा गया, जिसके बाद उनको भी अस्पताल से छुटटी दे दी गई। 

वहीं दूसरी ओर अस्पताल पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल मैनेजमेंट पर गुस्सा दिखाया। उन्होंने कहा कि उनके किसी जानने वाले ने हमें बताया कि आपका बच्चा सरकारी अस्पताल में आया था, जिस पर लगता है मधुमक्खियों ने हमला किया है, लेकिन स्कूल मैनेजमेंट ने पेरेंट्स को फोन करके नहीं बताया कि आपके बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला किया है। उन्होंने कहा कि अगर एक दिन भी फीस लेट हो जाती है तो वे घर फोन करके बच्चे को क्लास में भी नहीं बैठने देते, लेकिन अब उन्होंने पेरेंट्स को बताना भी जरूरी नहीं समझा। अभिभावकों का कहना था कि शुक्र है कि बच्चे अब ठीक हैं।

क्या कहना है स्कूल की प्रिंसीपल अंजली शर्मा का

उपरोक्त मामले में स्कूल प्रिंसीपल अजंली शर्मा का कहना है कि अभिभावक को बताने से पहले सबसे जरूरी था कि बच्चों को सही समय पर इलाज करवाना जो उन्होंने स्वयं बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंची और बच्चों को इलाज करवाया। प्रिंसीपल ने बताया कि 30 से 35 के करीब बच्चे थे जो अब सब ठीक हैं और जो अभिभावकों का आरोप है कि किसी अभिभावक को जानकारी नहीं दी गई तो यह बेबुनियाद बातें हैं अस्पताल में पहुंचने के बाद कई बच्चों के पैरेंटस को कॉल करके मामले की जानकारी दी गई थी।

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