Punjab News: चेक बाउंस केस में अनमोल गगन मान के पति की सजा पर रोक, डेराबस्सी कोर्ट ने सुनाई थी 2 साल की सजा
Mar 20, 2026 2:41 PM
मोहाली: मोहाली: पंजाब में खरड़ की विधायक अनमोल गगन मान के पति शाहबाज सिंह सोही की 2 साल की सजा पर सेशन कोर्ट ने रोक लगा दी है। यह सजा चेक बाउंस मामले में डेराबस्सी कोर्ट ने 16 मार्च को सुनाई थी। कोर्ट ने अपील स्वीकार कर मामले में विस्तृत आदेश सुरक्षित रखा है। अब सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर स्टे देते हुए उनकी अपील भी स्वीकार कर ली है।
सेशन कोर्ट का आदेश और राहत
शाहबाज सिंह सोही के वकील विक्रमजीत पासी के अनुसार, अदालत ने सजा पर रोक लगाते हुए मामले की अपील को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस संबंध में विस्तृत आदेश अभी जारी नहीं हुआ है, जिससे मामले की पूरी कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस फैसले से सोही को अस्थायी राहत मिल गई है।
निवेश के नाम पर प्लॉट देने का आरोप
मामले की शुरुआत 30 नवंबर 2018 को हुई थी, जब जीरकपुर के सरपंच और पार्षद रह चुके जसपाल सिंह के भाई कमलजीत सिंह ने अदालत में याचिका दायर की थी। शिकायत में शाहबाज सिंह सोही, जतिंदर सिंह और नश्तर सिंह को आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि तीनों मेसर्स प्लेटिनम स्मार्ट बिल्डर्स में पार्टनर थे और राजपुरा में सिल्वर सिटी प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट देने का वादा कर निवेश करवाया गया।
करोड़ों के लेन-देन का विवाद
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने करीब 22,950 वर्ग गज के रेजिडेंशियल प्लॉट और 515 वर्ग गज के कमर्शियल प्लॉट का सौदा किया था। इसके बदले 18 दिसंबर 2017 को 7 करोड़ रुपये का चेक देकर पूरी राशि का भुगतान किया गया। बाद में आरोपियों ने जनवरी 2018 में 3 करोड़ रुपये का चेक देकर सौदा रद्द कर दिया। इसके बाद प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के नाम पर 25 लाख रुपये और फिर 1.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त लिए गए।
कोर्ट का फैसला और सजा
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने शिकायतकर्ता के पक्ष को मजबूत मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत प्रत्येक आरोपी को 2-2 साल की सजा सुनाई। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि किसी आरोपी ने पहले से जेल में समय बिताया है, तो उसे सजा में समायोजित किया जाएगा।
अनमोल गगन मान का राजनीतिक सफर
अनमोल गगन मान पंजाब की सक्रिय राजनीति में प्रमुख चेहरा रही हैं। उन्होंने 2020 में आम आदमी पार्टी जॉइन की और 2022 के विधानसभा चुनाव में खरड़ सीट से अकाली दल के रणजीत सिंह गिल को 37,718 वोटों से हराया। इसके बाद उन्हें मंत्री पद दिया गया, लेकिन सितंबर 2024 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ी, लेकिन कुछ समय बाद फिर वापसी कर ली।